Happy Birthday Madhuri Dixit : बॉलीवुड की धक - धक गर्ल का आज 58वां जन्मदिन है. ऐसे में उनकी कामयाब फिल्मों के बारे में चर्चा ना करें ऐसा कभी हो सकता है. साल 1984 में अबोध के साथ अपनी शुरुआत करने के बाद से, माधुरी दीक्षित ने की सनसनीखेज मुस्कान, बेजोड़ डांस मूव्स और मनमोहक आभा हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है.
आज भी, प्रशंसक तेजाब (1988) स्टार की एक झलक पाने के लिए खुद को शांत नहीं रख पाते हैं, जिन्होंने सुपरहिट नंबर ‘एक दो तीन’ से मंच पर धूम मचा दी थी.
इसने न केवल उन्हें प्रसिद्धि की सीढ़ियाँ प्रदान कीं, बल्कि उनकी गुरु सरोज खान को भी, जो ‘सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार’ की पहली प्राप्तकर्ता बनीं- एक पुरस्कार जिसे 1989 में शुरू किया गया था.
एक प्रतिभाशाली अभिनेता होने के अलावा, दीक्षित एक शास्त्रीय रूप से प्रशिक्षित कथक नर्तक और माइक्रोबायोलॉजी स्नातक हैं. उनकी लोकप्रियता इतनी अधिक है कि ओरियन तारामंडल में एक स्टार का नाम उनके नाम पर रखा गया है.
उनके 58वें जन्मदिन पर, उनकी बेहतरीन फ़िल्मों में से कुछ के बारे में बात करेंगे. जिन्हें कोई भी उनके विशाल काम का जश्न मनाने के लिए देख सकता है.
तेज़ाब (1988)
यह फ़िल्म 11 नवंबर, 1988 को रिलीज़ हुई थी और यह तुरंत हिट हो गई थी. दीक्षित के किरदार मोहिनी को आम जनता के साथ-साथ आलोचकों ने भी काफ़ी सराहा. तेज़ाब ने बॉक्स ऑफ़िस के रिकॉर्ड तोड़ते हुए अभूतपूर्व सफलता हासिल की और सिनेमाघरों में 50 हफ़्तों तक बेहतरीन प्रदर्शन किया.
हम आपके हैं कौन..! (1994
जिस फिल्म ने दीक्षित को रातों-रात स्टार बना दिया, वह आज भी 90 के दशक के हर बच्चे के दिल में बसी है. सूरज बड़जात्या के निर्देशन में, उन्होंने जिस तरह से निशा के किरदार को बड़ी ही सहजता और मासूमियत के साथ निभाया, उससे उन्हें बहुत प्रशंसा मिली. मशहूर गाना 'दीदी तेरा देवर दीवाना' आज भी शादी-ब्याह के कार्यक्रमों में बजता है और पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों का मनोरंजन करता है.
देवदास (2002)
दीक्षित ने संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित पीरियड फिल्म देवदास में चंद्रमुखी की भूमिका निभाई थी, जिसमें शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बच्चन भी थे. चंद्रमुखी के अंदर की उथल-पुथल, दर्द और उसके बाद देव द्वारा पारो के लिए प्यार को स्वीकार करना दीक्षित द्वारा शानदार तरीके से पेश किया गया था.
23 मई 2002 को 2002 के कान फिल्म फेस्टिवल में देवदास को 'आउट ऑफ कॉम्पिटिशन' सेक्शन में दिखाया गया था और उसी साल 12 जुलाई को दुनिया भर में रिलीज़ किया गया था. यह उस समय की सबसे महंगी भारतीय फिल्म थी। लगभग ₹500 मिलियन के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में ₹998.million की कमाई की.