
कहते हैं कि इंसान अपने लालच में अंधा होकर ऐसे कृत्य कर जाता है. जिन्हें कोई सपने में भी नहीं सोच सकता है. लोग खुद की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के किस हद तक गिर सकते हैं, वो कोई सोच भी नहीं सकता. ऐसा ही एक मामला हापुड़ से सामने आया है जहां पर एक शख्स ने बीमा पॉलिसी के पैसों के लिए बारी-बारी से अपने ही परिवार के सदस्यों को मौत के घाट उतारता चला गया.
आरोपी ने परिवार के तीन लोगों को उतारा मौत के घाट
बीमा पॉलिसी जो कि धारक की मृत्यु के बाद अन्य परिजनों के जीवन यापन का एकमात्र आधार बनती हैं. जिन्हें लोग अपने परिजनों के भविष्य को सिक्योर करने के लिए लेते हैं, इन्ही बीमा पॉलिसी के जरिए हापुड़ के विशाल कुमार ने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का बेहतरीन रास्ता बना लिया. मगर उसकी इन गलत करतूतों का आखिरकार भांडा फूट ही गया. विशाल ने 50 करोड़ से ज्यादा बीमा के लालच में एक नहीं बल्कि परिवार के तीन-तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया. ये पूरा खेल 8 साल पहले से शुरू हुआ था. इस शख्स ने सबसे पहले मां को मरवाया, फिर पत्नी और उसके बाद पिता की हत्या कर दी.
एक शख्स की 64 बीमा पॉलिसी होने से गहराया शक
दरअसल सम्भल जिले की अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा द्वारा सभी बीमा कंपनियों से सस्पेक्टेड पॉलिसी की डिटेल्स मांग रखी थी. इस दौरान निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि संजय कुमार ने ASP को मेरठ के मुकेश चंद सिंघल की 64 बीमा पॉलिसी होने के बारे में जानकारी दी. ये सभी बीमा पॉलिसी साल-2018 से 2023 के बीच कराई गईं थीं. इसी बीच विशाल ने 25 जनवरी 2024 से 6 फरवरी 2024 के बीच 4 गाड़ियां टोयोटा लीजेंडर, निसान मेगनाइट, ब्रेजा और रॉयल इन्फील्ड लोन पर खरीद लीं. जबकि मुकेश महीने का केवल 25 हजार रुपये ही कमा पाता है. ASP अनुकृति शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हमें मुकेश पर शक गहराया. जिसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई तो पता चला कि विशाल के घर में 3 सदस्यों की मौत हो चुकी थी. उन सभी के बीमा की रकम विशाल को दी जा चुकी थी.
62 पॉलिसी से आने थे 50 करोड़ रुपये
इसके बाद जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि विशाल ने कुल चार शादियां की हुईं थीं. उसकी पहली पत्नी और मां की बीमा पॉलिसी से विशाल एक करोड़ 5 लाख रुपए हासिल कर चुका था. इतना ही नहीं पिता की मौत से दो पॉलिसी के 50 लाख रुपए भी उसे मिल चुके थे. अभी 62 और पॉलिसी के करीब 50 करोड़ रुपए आने थे.
चौथी बीवी से पिता को मारने में मदद की कही थी बात
फिलहाल विशाल की दूसरी और तीसरी पत्नियां कहां पर है, इसका पता लगाया जा रहा है. मगर एक न्यूज एजेंसी ने जब विशाल की चौथी बीवी से बात की तो उसने कई राज उगल दिए. विशाल की चौथी बीवी ने बताया कि मैं मेरठ की रहने वाली हूं. मेरी शादी विशाल से फरवरी 2024 में हुई थी. शादी के एक-दो दिन बाद ही मुझे पता चल गया था कि वो कई शादियां कर चुका है. विशाल ने मुझसे कहा था कि उसके पिता की 5-7 दिन में मौत होने वाली है. मैं ये बात जानकर काफी हैरान थी क्योंकि ससुर जी तो बिल्कुल हट्टे कट्टे थे. मैंने विशाल से इस बारे में जब पूछा तो वो बातों को घुमाने लगा. इसके बाद में विशाल ने मुझे सरेआम धमकी दी कि ससुर को मारने में मैं उसकी मदद करूं. क्योंकि उसने ससुर के नाम पर 60 करोड़ का बीमा करवा रखा था. जब मैंने मना किया तो उसने मुझे मार डालने की धमकी दी. यहां तक कि उसने मेरा भी 3 करोड़ का बीमा करवा रखा था.
"ससुर की तरह मेरी भी कर देता हत्या, मगर मैं बच गई"
चौथी बीवी ने आगे बताया कि जब ससुर की मौत के बाद बीमा कंपनियों के इन्वेस्टिगेटर हमारे घर पर आने लगे. तब मैं समझ गई कि वो मेरी भी इसी तरह से हत्या कर सकता है. यही नहीं एक रात विशाल ने मेरे साथ इतनी मारपीट की कि मैं मर ही जाती. मगर मैंने पापा और भाई को फोन करके बुला लिया. इसके बाद मैं उनके साथ अपने मायके चली गई. हालांकि विशाल ने मुझे कई बार वापस बुलाने की कोशिश की. इसके लिए उसने मुझे घुमाने फिराने का भी लालच दिया. मगर मैं उसके पास वापस नहीं लौटी.
विशाल ने पुलिस के सामने उगले सारे राज
वहीं पुलिस ने जब विशाल और उसके सहयोगी को धरदबोचा तो पहले के सारे राज उसने उगल डाले. आरोपी ने पुलिस ने बताया कि पहले बीमा लेने के लिए झूठी मेडिकल रिपोर्ट बनवाई थी कि 22 जून 2017 में उसकी मां की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी. इस आधार पर प्रभा देवी की बीमा पॉलिसी के 25 लाख रुपए मुझे मिल गए. मगर ये सरासर झूठ था क्योंकि विशाल ने मां की हत्या कर थी. वो भी सिर पर भारी चीज से वार करके.
मां के बाद की पहली पत्नी की हत्या
विशाल ने आगे बताया कि इसके बाद मैंने पहली पत्नी एकता सिंघल की साल 2022 में हत्या कर दी. एक नामचीन अस्पताल से मेरी सांठ-गांठ थी. इसके चलते मैं वहीं से मनमाफिक डॉक्यूमेंट्स बनवा लेता था, जिससे आसानी से बीमा का पैसा मिल जाए. इस बार भी मैंने बीमारी से मौत दिखाकर एकता की बीमा पॉलिसी के 80 लाख रुपए निकलवा लिए थे. जबकि मैंने एकता का मुंह दबाकर उसे मार डाला था.
2 पॉलिसी का पैसा मिल चुका था
आरोपी ने पुलिस को आगे बताया कि 1 अप्रैल 2025 को मैंने पिता मुकेश सिंघल को भी इसी तरह से मार डाला. फिर उनकी भी झूठी एक्सीडेंटल मौत की रिपोर्ट बनवा ली. मुकेश के नाम पर कुल 64 बीमा पॉलिसी थीं. जिनकी रकम 50 करोड़ रुपए से ज्यादा है. इनमें 2 पॉलिसी का पैसा विशाल को मिल चुका था. जबकि बाकी की पॉलिसी की जांचें चल रही थीं. तभी ये केस पकड़ में आ गया और विशाल का सारा भांडा फूट गया. हालांकि विशाल के साथी सतीश कुमार को भी पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है.