HAQ Box Office Collection : बॉलीवुड में इन दिनों चर्चित सामाजिक-न्याय आधारित फिल्म ‘HAQ’ ने मंगलवार (पहली मंगलवार) को बॉक्स-ऑफिस पर जो आंकड़े दर्ज किये हैं, वे समूचे परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए कुछ मायने रखते हैं. Emraan Hashmi और Yami Gautam स्टारर इस फिल्म ने ख़ास रूप से टिकट-कीमतों में कटौती की थी. कुछ थियेटर चेन में टिकटें सिर्फ ₹99 तक रखी गयी थीं. जिसके बाद भी मंगलवार को नेट कलेक्शन लगभग ₹1.25 करोड़ तक रही. हालाँकि यह वृद्धि दिखने में सकारात्मक है, लेकिन इस कमीशन के बाद भी यह आंकड़ा निराशाजनक माना जा रहा है, क्योंकि इस तरह की कीमतों और स्टार कास्ट के साथ उम्मीदें ज़्यादा थीं.
खुलने वाली तारीख से इतना रहा
पहले दिन लगभग ₹1.80 करोड़, दूसरे दिन ₹3.30 करोड़, तीसरे दिन करीब ₹3.75 करोड़, और सोमवार को लगभग ₹1.10 करोड़. यह दर्शाता है कि सप्ताहांत में दर्शकों की संख्या बढ़ी थी, लेकिन सोमवार को गिरावट भी आई थी. मंगलवार को टिकट कीमत में बड़ी कटौती के बावजूद सिर्फ लगभग 15 % की मामूली वृद्धि दर्ज हुई है, जो दर्शकों की सक्रिय भागीदारी के लिहाज़ से बहुत उत्साहजनक नहीं मानी जा रही है.
इस फिल्म की विषय-वस्तु और सामाजिक सन्दर्भ दोनों ही महत्वपूर्ण हैं. HAQ एक न्यायिक-ड्रामा है, जिसे Suparn Varma ने निर्देशित किया है, और इसका कथानक 1985 के प्रतिष्ठित Mohd. Ahmed Khan v. Shah Bano Begum मामले से प्रेरित है. फिल्म में समाज, न्याय, धर्म व व्यक्तिगत कानून जैसे जटिल-मुद्दे उठाये गये हैं, और समीक्षकों ने इसकी दिशा व अभिनय कौशल की सराहना की है. लेकिन व्यवसायिक दृष्टि से, विषय की गंभीरता व सीमित ‘मसाला फिल्म’ स्वरूप के कारण यह व्यापक दर्शक-पहुंच नहीं बना सकी.
माना जा रहा है कि आगे की चुनौतियाँ इस प्रकार होंगी. सबसे बड़ी बात है कि अगले सप्ताह बड़ी बजट-वाली और आकर्षक मसालेदार फिल्में रिलीज होने वाली हैं, जो HAQ के थियेट्रिकल रन को प्रभावित कर सकती हैं. निर्माताओं के सामने अब एक बड़ी जिम्मेदारी है, वे फिल्म को लंबे समय तक स्क्रीन पर टिकाये रखने के लिए सही प्रचार-रणनीति अपनाएँ और ‘वर्ड-ऑफ़-माउथ’ को काम में लाएँ. फिलहाल, अच्छे समीक्षाओं एवं सामाजिक-मुद्दे के बावजूद, व्यापारिक दृष्टि से HAQ को स्थिर गति से आगे बढ़ना होगा.
मंगलवार का आंकड़ा
HAQ का पहला मंगलवार का आंकड़ा ₹1.25 करोड़ इसे असाधारण शुरुआत नहीं दे पाया है. यह दर्शाता है कि सिर्फ स्टारडम और सीमित टिकट कीमतें ही पर्याप्त नहीं थीं. फिल्म-प्रचार, विषय-अपील तथा थियेटर-प्रसार नेटवर्क का सही तालमेल बनना भी आवश्यक था. अगर HAQ को स्वास्थ्यप्रद क्लोजिंग पहुंचानी है, तो आने वाले दिनों में सकारात्मक ट्रेंड, अच्छी ऑक्युपेंसी और मजबूत थियेट्रल प्रदर्शन की जरूरत है। क्या यह न्याय-कथा समय के साथ अपनी गति पकड़ेगी या जल्दी ही निकलती जाएगी, यह आने वाला समय तय करेगा.