पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह एक बार फिर राजनीतिक बयान को लेकर चर्चा में हैं। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने उन्हें गद्दार तक कहा, जिसके बाद अब हरभजन सिंह ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सोशल मीडिया पर दिया जवाब
एक सोशल मीडिया यूजर ने हरभजन से सवाल पूछा कि जिस पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा, उसके खिलाफ बोलने के बावजूद उन्होंने इस्तीफा क्यों नहीं दिया। इसी सवाल के जवाब में हरभजन ने कहा कि समय आने पर हर बात का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी नेता को अपशब्द नहीं कहा और अपनी भाषा खराब नहीं करना चाहते।
राज्यसभा सीट पर बड़ा आरोप
हरभजन सिंह ने अपने पोस्ट में बिना किसी का नाम लिए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जो लोग उन्हें गद्दार कह रहे हैं, पहले उनसे पूछा जाना चाहिए कि पंजाब की राज्यसभा सीट कितने में बेची गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जवाब नहीं मिला तो वह बताएंगे कि किसे कितना फायदा पहुंचाया गया और किसकी तरफ से यह सब हुआ।
घर के बाहर विरोध पर नाराजगी
एक अन्य पोस्ट में हरभजन ने कहा कि उनके घर के बाहर पुतला जलाया गया और उन्हें गद्दार लिखा गया। उनका दावा है कि यह आम लोगों का काम नहीं था बल्कि इसके पीछे राजनीतिक निर्देश हो सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसने ऐसे कदम उठाने के लिए कहा।
देश तय करेगा पहचान
हरभजन सिंह ने कहा कि उन्होंने 20 साल तक खेल के मैदान में देश का नाम रोशन किया है। उनका मानना है कि कुछ लोग किसी टैग के जरिए उनकी पहचान तय नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि देश की जनता खुद तय करेगी कि उन्हें किस रूप में याद रखना है।
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2022 से 2026 तक का सफर
हरभजन सिंह 2022 में राजनीति में आए थे और पंजाब से राज्यसभा सांसद बने। अप्रैल 2026 में पार्टी के भीतर बड़े बदलाव के बाद उन्होंने अन्य नेताओं के साथ पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद से उनके राजनीतिक फैसले को लेकर लगातार बहस जारी है।