Hardik Pandya ने अपने करियर के उस पल को याद किया जिसने उन्हें खास बना दिया। वह आम तौर पर निजी जिंदगी पर बात नहीं करते, लेकिन इस बार उन्होंने खुलकर अपने सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कई उतार-चढ़ाव के बाद आज वह खुद को पहले से ज्यादा मजबूत महसूस कर रहे हैं।
2016 का वो आखिरी ओवर
हार्दिक ने 2016 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी ओवर को अपना टर्निंग पॉइंट बताया। उस मैच में उन्हें 11 रन बचाने थे। उन्होंने कहा कि एक समय विरोधी बल्लेबाज जश्न मनाने लगा था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरी गेंद तक भरोसा रखा और मैच पलट दिया। उसी दिन उन्हें समझ आया कि आत्मविश्वास कितना जरूरी होता है।
बल्लेबाजी पर बड़ा बयान
हार्दिक ने एक चौंकाने वाली बात भी कही। उनका मानना है कि उन्होंने अभी तक अपनी बल्लेबाजी क्षमता का सिर्फ 40 प्रतिशत ही दिखाया है। उन्होंने कहा कि गेंदबाजी पर हमेशा भरोसा रहा, लेकिन दिल के करीब बल्लेबाजी है। उन्हें लगता है कि जितना वह सोचते हैं, उतना अब तक मैदान पर नहीं दिखा पाए हैं।
मेहनत ने बदला खेल
आईपीएल के बाद जब वह अपनी लय ढूंढ रहे थे, तब उन्होंने खुद को पूरी तरह अभ्यास में झोंक दिया। वह रोज 6 से 7 घंटे तक मेहनत करने लगे। बेंगलुरु स्थित प्रशिक्षण केंद्र में दोपहर से लेकर देर रात तक बल्लेबाजी का अभ्यास करते थे। कई बार मैदान की लाइट बंद होने तक वही आखिरी खिलाड़ी रहते थे।
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खास शख्स का साथ
हार्दिक ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी गर्लफ्रेंड महिका शर्मा को दिया। उन्होंने कहा कि जब वह मुश्किल दौर में थे, तब महिका ने उनका हौसला बढ़ाया। क्रिकेट को फिर से उसी जुनून से खेलने की प्रेरणा मिली। खेल को लेकर हुई बातचीत ने उनके अंदर की ऊर्जा को दोबारा जगा दिया।
अब पूरी ताकत दिखाने की तैयारी
हाल में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उनकी गेंदबाजी ने असर दिखाया। हार्दिक का कहना है कि अभी उनका सर्वश्रेष्ठ आना बाकी है। अगर वह अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचे तो टीम इंडिया के लिए बड़ी ताकत बन सकते हैं। आने वाले बड़े टूर्नामेंट में उनकी भूमिका बेहद अहम रहने वाली है