विजय हजारे ट्रॉफी में बड़ौदा की पारी जब पूरी तरह लड़खड़ा चुकी थी, तभी मैदान पर उतरे हार्दिक पंड्या। स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 71 रन थे और पांच विकेट गिर चुके थे। माहौल दबाव भरा था और विदर्भ के गेंदबाज हावी दिख रहे थे। ऐसे समय सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए पंड्या ने पहले खुद को संभाला। शुरुआती गेंदों में उन्होंने जोखिम नहीं लिया और अपने भाई क्रुणाल के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की। धीरे-धीरे रन आने लगे और टीम को उम्मीद की एक किरण दिखाई देने लगी।
एक ओवर जिसने मैच पलट दिया
क्रुणाल के आउट होते ही कहानी बदल गई। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे स्टेडियम को झकझोर दिया। पारी का 39वां ओवर आते-आते पंड्या पूरी तरह लय में आ चुके थे। सामने गेंदबाज पीआर रेखाड़े थे और फिर शुरू हुआ असली तूफान। हार्दिक ने लगातार पांच छक्के जड़ दिए और एक ही ओवर में 34 रन कूट डाले। आखिरी गेंद पर चौका लगाकर उन्होंने अपना शतक पूरा किया। दर्शक खड़े होकर तालियां बजाने लगे और स्टेडियम का माहौल किसी फाइनल मुकाबले जैसा हो गया।
करियर का सबसे विस्फोटक शतक
यह पंड्या के लिस्ट-ए करियर का पहला शतक था, जो उन्होंने सिर्फ 68 गेंदों में पूरा किया। लेकिन वह यहीं नहीं रुके। हर ओवर के साथ उनका आक्रमण और तेज होता गया। गेंदबाज बदले गए, फील्ड बदली गई, लेकिन पंड्या नहीं रुके। आखिरकार 46वें ओवर में आउट होने से पहले उन्होंने 92 गेंदों पर 133 रन ठोक दिए। इस पारी में उनके बल्ले से 11 छक्के और 8 चौके निकले। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ लिस्ट-ए स्कोर 92 रन था, जो अब इतिहास बन चुका है।
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सोशल मीडिया पर पांड्या का जलवा
इस पारी के बाद सोशल मीडिया पर सिर्फ एक ही नाम छाया रहा-पांड्या। वीडियो क्लिप्स वायरल होने लगीं और फैंस इसे टी20 वर्ल्ड कप का ट्रेलर बताने लगे। मुश्किल हालात में उतरकर पारी को संभालना और फिर उसे एकतरफा बना देना, यही पंड्या की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। कप्तान से लेकर डगआउट तक हर कोई हैरान दिखा। इस पारी ने साफ कर दिया कि वर्ल्ड कप से पहले हार्दिक पंड्या अपने चरम फॉर्म में लौट चुके हैं और जब उनका बल्ला चलता है, तो मैच की तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है।