नई दिल्ली में राज्यसभा में बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जहां हरिवंश को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना गया। शुक्रवार को उन्हें निर्विरोध इस पद पर चुना गया, जो अपने आप में उनके प्रति सदन के गहरे विश्वास को दर्शाता है। इस दौरान सदन के नेता जेपी नड्डा, किरेन रिजीजू और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे उन्हें आसन तक लेकर पहुंचे, जिससे सदन में एकजुटता का संदेश भी देखने को मिला।
पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को बधाई देते हुए उनके कार्यशैली और अनुभव की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार चुना जाना इस बात का संकेत है कि सदन को उनके नेतृत्व और संतुलन पर पूरा भरोसा है। पीएम ने कहा कि हरिवंश ने हमेशा सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की है, जिस पर आज सदन ने अपनी मुहर लगा दी है।
अनुभव और नेतृत्व की सराहना
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हरिवंश ने अपने पिछले कार्यकाल में सदन की कार्यवाही को प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उनके अनुभव और शांत स्वभाव ने राज्यसभा के माहौल को परिपक्व बनाने में मदद की है। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि उनका नया कार्यकाल भी उसी समर्पण और संतुलन के साथ आगे बढ़ेगा और सदन की गरिमा को नई ऊंचाई मिलेगी।
चंद्रशेखर जयंती से जुड़ा खास संयोग
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को भी याद किया और बताया कि 17 अप्रैल को उनकी जयंती होती है। उन्होंने कहा कि इसी दिन हरिवंश का तीसरी बार उपसभापति बनना एक विशेष संयोग है, क्योंकि उनका चंद्रशेखर से गहरा जुड़ाव रहा है। यह उनके जीवन और राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण पहलू भी रहा है।
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विपक्ष ने भी दी बधाई, उठाए सवाल
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी हरिवंश को बधाई दी, लेकिन साथ ही एक सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि जहां राज्यसभा में उपसभापति का पद जल्दी भर दिया गया, वहीं लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद लंबे समय से खाली है। उन्होंने इस पर सरकार से जवाब भी मांगा।
सदन में दिखी सकारात्मक राजनीति
हरिवंश के निर्विरोध चुनाव ने यह संकेत दिया कि सदन में अभी भी सहमति और सहयोग की राजनीति संभव है। सभी दलों ने मिलकर इस फैसले को समर्थन दिया, जिससे लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूती मिली है।