हरियाली तीज का व्रत कुंवारी कन्याओं के लिए क्यों है विशेष ,27 जुलाई 2025 को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए जितना महत्वपूर्ण होता है, उतना ही कुंवारी कन्याओं के लिए भी शुभ माना जाता है। विशेषकर जिन लड़कियों की शादी में बार-बार बाधा आ रही है या विवाह की बात कहीं टिक नहीं रही, उनके लिए हरियाली तीज का व्रत संजीवनी जैसा होता है। पौराणिक मान्यता है कि मां पार्वती ने भी भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप और व्रत किए थे। इसी श्रद्धा और भक्ति के साथ अगर कन्याएं तीज का व्रत रखें, तो विवाह संबंधी अड़चनें दूर हो सकती हैं।
विवाह की अड़चनों को दूर करने का उपाय
हरियाली तीज के दिन कुंवारी कन्याओं को माता गौरी की विधिवत पूजा करनी चाहिए। पूजा में लाल चुनरी में सिक्का, फूल और सुपारी अर्पित करें और मनोकामना स्वरूप माता से प्रार्थना करें। साथ ही शिव-पार्वती की मूर्ति या तस्वीर के सामने व्रत कर, रात्रि को कथा सुनें। माना जाता है कि ऐसा करने से योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है।
ग्रह दोष और ज्योतिषीय उपाय
अगर किसी कन्या की कुंडली में मंगल दोष, कालसर्प दोष या राहु-केतु की बाधा है, तो उसका असर विवाह में रुकावट के रूप में आता है। ऐसे में हरियाली तीज के दिन रुद्राभिषेक करना या "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायक होता है। इससे ग्रह दोषों की शांति होती है और विवाह के योग बनने लगते हैं।
दान से मिलती है पुण्य और शक्ति
तीज व्रत के दिन सुहागिन महिलाओं को लाल साड़ी, चूड़ी, बिंदी, बिछिया आदि सुहाग की सामग्री का दान करना भी अत्यंत शुभ होता है। ऐसा करने से मनोकामना शीघ्र पूरी होती है और विवाह में आ रही बाधाएं दूर होने लगती हैं।