Hariyali Teej Fasting : हरियाली तीज आस्था, प्रेम और सुहाग का खास पर्व है। इस दिन कई महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। कुछ महिलाएं निर्जला व्रत भी रखती हैं। हालांकि, लंबे समय तक बिना भोजन और पानी के रहने से शरीर में कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर और पानी की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में व्रत के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।
व्रत से पहले शरीर को करें तैयार
व्रत शुरू करने से पहले शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी और पोषण देना जरूरी है। सुबह के समय हल्का और पौष्टिक भोजन करें। फल, दूध, दही, सूखे मेवे और नारियल पानी जैसे विकल्प शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं। बहुत अधिक तला-भुना, मसालेदार या नमकीन भोजन खाने से बचें, क्योंकि इससे व्रत के दौरान ज्यादा प्यास लग सकती है।
निर्जला व्रत में रहें सावधान
निर्जला व्रत में पानी न पीने के कारण शरीर में पानी की कमी का खतरा बढ़ सकता है। अगर व्रत के दौरान तेज सिरदर्द, चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, मुंह का बहुत सूखना या पेशाब कम आने जैसी परेशानी महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है।
व्रत खोलते समय न करें जल्दबाजी
पूरे दिन के व्रत के बाद अचानक बहुत ज्यादा खाना पेट के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। व्रत खोलते समय पहले पानी या हल्का पेय लें और फिर फल, दही या हल्का भोजन करें। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य भोजन की ओर लौटें। बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन तुरंत खाने से बचना बेहतर है।
इन महिलाओं को रखनी चाहिए विशेष सावधानी
गर्भवती महिलाओं, मधुमेह, कम रक्तचाप, एनीमिया या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही महिलाओं को लंबा या निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। नियमित दवाएं लेने वाली महिलाओं को भी बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा बंद नहीं करनी चाहिए।
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आस्था के साथ सेहत भी जरूरी
हरियाली तीज का व्रत श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा है, लेकिन अपनी सेहत को नजरअंदाज करना सही नहीं है। शरीर में किसी तरह की गंभीर परेशानी महसूस होने पर व्रत जारी रखने की बजाय स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। आखिरकार, स्वस्थ शरीर और मन के साथ ही त्योहार की खुशियों का पूरा आनंद लिया जा सकता है।