Harmanpreet Kaur Captaincy Resignation : भारत की सबसे सफल महिला कप्तानों में गिनी जाने वाली हरमनप्रीत कौर ने ऐसा फैसला लिया है जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। तीनों फॉर्मेट में भारतीय महिला टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान करते हुए हरमनप्रीत ने एक भावुक संदेश साझा किया। इस संदेश में सिर्फ कप्तानी छोड़ने की बात नहीं थी बल्कि उन संघर्षों और त्याग की कहानी भी थी जो उन्होंने सालों तक टीम के लिए किए।
अचानक आया बड़ा ऐलान
हरमनप्रीत कौर ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए कप्तानी छोड़ने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला लेना बिल्कुल आसान नहीं था। कप्तानी का यह सफर उनके लिए यादों भावनाओं और कई मुश्किल पलों से भरा रहा। उन्होंने बताया कि वर्षों तक टीम की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने ऐसे कई अनुभव हासिल किए जिन्हें वह जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगी।
टीम के लिए खुद को बदला
अपने संदेश में हरमनप्रीत ने सबसे ज्यादा जिस बात पर जोर दिया वह था टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखना। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए उन्होंने अपना खून पसीना और समय दिया। इतना ही नहीं कई बार उन्हें अपने खेल और निजी महत्वाकांक्षाओं का भी त्याग करना पड़ा। उनके मुताबिक कप्तान होने का मतलब सिर्फ मैदान पर फैसले लेना नहीं बल्कि खुद से पहले टीम के बारे में सोचना भी होता है।
मुश्किल फैसलों का रहा दौर
हरमनप्रीत ने माना कि कप्तानी के दौरान उन्हें कई ऐसे फैसले लेने पड़े जिनकी कीमत उन्हें व्यक्तिगत तौर पर चुकानी पड़ी। कई बार उनके फैसलों को समझा नहीं गया और आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा। लेकिन उनका कहना है कि हर फैसला सिर्फ टीम को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के इरादे से लिया गया था। यही सोच उन्हें हर चुनौती के बीच आगे बढ़ाती रही।
यादगार सफलताओं से भरा सफर
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। टीम ने वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रचा और एशियन गेम्स में लगातार गोल्ड मेडल भी अपने नाम किए। उनकी कप्तानी में भारत ने कई मजबूत टीमों को हराया और महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाई। यही वजह है कि उनका कार्यकाल भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में गिना जा रहा है।
टीम पर जताया पूरा भरोसा
कप्तानी छोड़ते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि वह यह जिम्मेदारी शांति और संतोष के साथ छोड़ रही हैं। उनका मानना है कि भारतीय महिला टीम अब मजबूत हाथों में है और आने वाला भविष्य बेहद उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि टीम में प्रतिभा विश्वास और जीत का जज्बा मौजूद है जो आगे भी भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
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कप्तानी खत्म लेकिन मिशन जारी
हरमनप्रीत ने साफ कर दिया कि कप्तानी का अध्याय भले खत्म हो गया हो लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका जुनून अब भी बरकरार है। उन्होंने अपने साथियों कोचिंग स्टाफ बीसीसीआई और फैंस का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि अब वह फिर से सिर्फ खेल के प्यार के लिए मैदान पर उतरने को तैयार हैं। कप्तानी खत्म हुई है लेकिन उनका सफर अभी जारी है।