धर्मशाला में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जाने वाले पहले वनडे मुकाबले से पहले मौसम ने काफी परेशान किया। लगातार बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई और फैंस भी निराश नजर आए। हालांकि कुछ घंटों बाद मौसम पूरी तरह साफ हो गया और मैदान को खेलने लायक घोषित कर दिया गया। समय की कमी को देखते हुए मुकाबले को 50 ओवर की बजाय 25-25 ओवर का कर दिया गया। मौसम साफ होते ही खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के चेहरे खिल उठे।
दो खिलाड़ियों की चमकी किस्मत
बारिश के कारण मैच में बदलाव तो हुआ, लेकिन इसी के साथ टीम इंडिया के दो युवा खिलाड़ियों की किस्मत भी चमक गई। भारतीय टीम ने इस मुकाबले में हर्ष दुबे और गुरनूर बरार को वनडे क्रिकेट में डेब्यू का मौका दिया। दोनों खिलाड़ी लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे थे और अब उन्हें देश के लिए खेलने का बड़ा अवसर मिला है। टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनकर मैदान पर उतरना दोनों खिलाड़ियों के लिए यादगार पल बन गया।
गौतम गंभीर ने सौंपी कैप
मुकाबला शुरू होने से पहले भारतीय टीम का हडल मैदान पर नजर आया। इसी दौरान टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने दोनों युवा खिलाड़ियों को उनकी पहली वनडे कैप सौंपी। टीम के बाकी खिलाड़ियों ने भी तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। यह पल भावुक और खास था क्योंकि हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह एक दिन भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेले। हर्ष दुबे और गुरनूर बरार का यह सपना धर्मशाला में पूरा हुआ।
घरेलू क्रिकेट में दिखाया दम
हर्ष दुबे ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करके चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था। गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने की उनकी क्षमता उन्हें खास बनाती है। दूसरी ओर गुरनूर बरार ने भी घरेलू स्तर पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। तेज गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी उनकी ताकत मानी जाती है। इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें टीम इंडिया में जगह के रूप में मिला।
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फैंस की नजरें नए खिलाड़ियों पर
अब मुकाबले में फैंस की नजरें इन दोनों खिलाड़ियों पर टिकी हुई हैं। हर कोई जानना चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रदर्शन कैसा रहेगा। छोटे प्रारूप के इस मुकाबले में दोनों के पास खुद को साबित करने का अच्छा मौका है। टीम इंडिया के लिए यह मैच सिर्फ जीत का नहीं बल्कि नए खिलाड़ियों को परखने का भी अवसर माना जा रहा है। ऐसे में धर्मशाला का यह मुकाबला हर्ष दुबे और गुरनूर बरार के करियर का सबसे खास दिन बन गया है।