
हरतालिका तीज 2025: भारत में व्रत-त्योहारों की एक लंबी परंपरा है, जो न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी होती है बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को भी मजबूती देती है। इन्हीं त्योहारों में से एक है हरतालिका तीज, जिसे महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए रखती हैं। कुंवारी कन्याएं भी यह व्रत अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए करती हैं।
हरतालिका तीज 2025 में कब है?
साल 2025 में हरतालिका तीज का पर्व मंगलवार, 26 अगस्त को मनाया जाएगा। यह व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है। इस दिन स्त्रियां निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। यह तिथि पंचांग के अनुसार शुभ मानी जाती है और पूरे भारत में खास तौर पर उत्तर भारत, बिहार, झारखंड, राजस्थान और मध्यप्रदेश में बड़े धूमधाम से मनाई जाती है।
शुभ मुहूर्त और पूजा का समय
इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:56 से लेकर 8:31 बजे तक का है। इस समय के भीतर व्रती महिलाएं सोलह श्रृंगार करके पूजा करती हैं और माता पार्वती से अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। पूजा के लिए भगवान शिव और मां पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा बनाई जाती है और पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है।
व्रत की विशेषता और पौराणिक महत्व
हरतालिका तीज का व्रत निर्जला होता है, यानी व्रती महिलाएं दिनभर न तो जल ग्रहण करती हैं और न ही अन्न। यह व्रत बहुत कठोर माना जाता है लेकिन इसका धार्मिक और आध्यात्मिक फल भी उतना ही महान होता है। मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था और अंततः उनकी मनोकामना पूर्ण हुई।
क्यों है खास हरतालिका तीज?
यह व्रत सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मबल, समर्पण और प्रेम का भी उत्सव है। इस दिन महिलाएं रातभर जागरण करती हैं, शिव-पार्वती की कथा सुनती हैं और पारंपरिक गीतों के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त करती हैं। इस दिन ससुराल और मायके दोनों जगहों पर विशेष पकवान बनते हैं और त्योहार का माहौल बना रहता है। हरतालिका तीज 2025 में 26 अगस्त को मनाई जाएगी। यह पर्व हर महिला के जीवन में विशेष स्थान रखता है — यह केवल एक व्रत नहीं, बल्कि प्रेम, श्रद्धा और नारी शक्ति का पर्व है। आप भी इस तीज पर व्रत रखकर माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त करें और अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भरें।