हरियाणा में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू हो चुका है और इसकी शुरुआत हुई गुरुग्राम के साइबर थाने में DGP ओपी सिंह की चौंकाने वाली एंट्री से। DGP अपनी निजी कार से एक आम नागरिक की तरह थाने पहुंचे और खुद को डिजिटल गिरफ्तारी मामले का पीड़ित बताया। गेट पर तैनात सिपाही ने उन्हें पहचाना भी नहीं, बल्कि पूरी विनम्रता से पूछा कि वे यहां किस काम आए हैं। DGP ने थाने के अंदर जाकर यह देखने की कोशिश की कि शिकायत दर्ज कराने वाले नागरिक के साथ किस तरह का व्यवहार होता है, कितना समय लगता है और सिस्टम कितना पारदर्शी है। उनकी यह अंदरूनी जांच सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी और अफसरों के बीच हलचल बढ़ गई।
अंदर आते ही दिया सख्त आदेश
जैसे ही CP, DCP, ACP और SHO को पता चला कि DGP थाने में हैं, सभी अधिकारी तुरंत पहुंच गए। इसके बाद DGP ने वहीं मीटिंग बुलाकर साइबर ठगी मामलों को लेकर नए सख्त आदेश जारी कर दिए। उन्होंने साफ कहा कि अब किसी भी साइबर शिकायत में देरी, लापरवाही या बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने बड़ा निर्देश देते हुए कहा कि अगर किसी केस में बैंक ने उचित जांच नहीं की है, तो पीड़ित का नुकसान बैंक की जिम्मेदारी होगा। साथ ही छोटे अमाउंट वाले ठगी मामलों में FIR के इंतजार में पीड़ितों को महीनों न घुमाया जाए, बल्कि लोक अदालत के माध्यम से तुरंत पैसे वापस करवाए जाएं।
थानों की कार्यप्रणाली पर DGP की पैनी नजर
निरीक्षण के दौरान DGP ने साइबर थाने में बैठने की व्यवस्था, फाइल प्रसंस्करण, केस अपडेट सिस्टम और पीड़ितों के लिए सहायता प्रक्रिया की बारीकी से जांच की। उन्हें फीडबैक मिला था कि कई चालान महीनों तक लोक अदालत नहीं पहुंचते, जिस पर उन्होंने CP गुरुग्राम को तुरंत सुधार के निर्देश दिए। साथ ही IG साइबर को आदेश दिया कि हर हफ्ते कम से कम एक साइबर थाना विजिट करें और पीड़ितों की प्रमुख समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान सुनिश्चित करें। DGP ने चेतावनी दी कि अब हर शिकायत की प्रगति सीधे मुख्यालय तक रिपोर्ट की जाएगी।
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साइबर जागरूकता का नया मॉडल
सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि युवा भी अब साइबर सुरक्षा अभियान का हिस्सा बनेंगे। DGP ने ऐलान किया कि स्कूल और कॉलेजों के हेड बॉय-हेड गर्ल को साइबर जागरूकता एंबेसडर बनाया जाएगा। ये बच्चे अपने स्कूलों, मोहल्लों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साइबर सुरक्षा का संदेश फैलाएंगे। DGP ने जनता से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, इनाम या सरकारी आदेश के नाम पर मांग किए जा रहे पैसों पर तुरंत सतर्क हो जाएं और ठगी का सामना होते ही 1930 नंबर पर कॉल करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अब साइबर अपराधियों की खैर नहीं क्योंकि अभियान शुरू हो चुका है और कार्रवाई बेहद सख्त है।