नए वर्ष की शुरुआत हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। खेती की बढ़ती लागत और मशीनों की महंगाई के बीच सरकार ने एक ऐसी योजना शुरू की है जो सीधे किसानों की जेब पर बोझ कम करेगी। खासकर अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के लिए यह योजना बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि सीमित साधनों वाले किसान भी आधुनिक खेती से जुड़ सकें और अपनी आय बढ़ा सकें।
योजना का उद्देश्य क्या है
हरियाणा सरकार की यह योजना खेती में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए लाई गई है। ट्रैक्टर से खेत की जुताई समय पर होती है जिससे फसल की पैदावार बढ़ती है। मेहनत कम लगती है और समय की भी बचत होती है। इसके अलावा किसान ट्रॉली लगाकर फसल को मंडी तक पहुंचा सकते हैं और अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार नए ट्रैक्टर पर तीन लाख रुपये तक की सहायता दे रही है।
कितनी सहायता मिलेगी
इस योजना के तहत पैंतालीस हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता वाले नए ट्रैक्टर की खरीद पर अधिकतम तीन लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। यह राशि सीधे किसान के खाते में दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस सहायता से छोटे किसान भी आधुनिक कृषि यंत्र खरीद सकेंगे और खेती को लाभ का साधन बना पाएंगे।
ये भी पढ़ें : Bihar के बाद Assam में भी महिलाओं को दस हजार की मदद, जानिए कैसे मिलेगा लाभ ?
आवेदन की जरूरी तारीखें
सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन की समय सीमा तय की है। आवेदन प्रक्रिया सत्ताइस दिसंबर से शुरू हो चुकी है और पंद्रह जनवरी तक चलेगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि तय तारीख के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए पात्र किसानों को समय रहते आवेदन करना जरूरी है।
आवेदन कैसे करें
ट्रैक्टर सब्सिडी के लिए किसान को सबसे पहले मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना में पंजीकरण करना होगा। इसके बाद कृषि विभाग की आधिकारिक साइट पर जाकर ट्रैक्टर सब्सिडी योजना का विकल्प चुनना होगा। आवेदन पत्र में सभी जानकारी सही तरीके से भरनी होगी। जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आधार और मोबाइल नंबर से सत्यापन कर आवेदन जमा करना होगा।
कौन ले सकता है लाभ
इस योजना का लाभ वही किसान ले सकते हैं जो हरियाणा राज्य के निवासी हों और अनुसूचित जाति वर्ग से आते हों। किसान के नाम पर कृषि भूमि होना जरूरी है। इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों में किसी भी ट्रैक्टर सब्सिडी योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए। सरकार का कहना है कि यह योजना जरूरतमंद किसानों के जीवन में बदलाव लाने का मजबूत कदम है।