हरियाणा की पहचान हमेशा जुझारू खिलाड़ियों से रही है। इसी मिट्टी से निकली दीया यादव ने अब महिला क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसने सबका ध्यान खींच लिया है। महज 16 साल की उम्र में दीया ने महिला प्रीमियर लीग में डेब्यू कर नया इतिहास रच दिया। वडोदरा के मैदान पर जैसे ही वह दिल्ली की टीम की अंतिम ग्यारह में उतरीं वैसे ही रिकॉर्ड बुक में उनका नाम दर्ज हो गया। इतनी कम उम्र में इतने बड़े मंच पर पहुंचना किसी सपने से कम नहीं है।
सबसे कम उम्र में डेब्यू का रिकॉर्ड
दीया यादव ने 16 साल और 103 दिन की उम्र में महिला प्रीमियर लीग में कदम रखा। इसके साथ ही वह इस लीग में खेलने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं। इससे पहले यह रिकॉर्ड जी कमलिनी के नाम था। दीया ने यह साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और अगर हुनर हो तो बड़ा मंच दूर नहीं होता। हरियाणा की इस बेटी ने अपने पहले ही कदम से पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
ऑक्शन से डेब्यू तक का सफर
दीया यादव का सफर अचानक नहीं शुरू हुआ। नवंबर 2025 में जब महिला प्रीमियर लीग का ऑक्शन हुआ था तभी उन्होंने सबको चौंका दिया था। दिल्ली की टीम ने उन्हें दस लाख रुपये में खरीदा और वह ऑक्शन में चुनी जाने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनीं। शुरुआती मुकाबलों में उन्हें मौका नहीं मिला लेकिन टीम के खराब प्रदर्शन के बाद जब उन्हें उतारा गया तो दीया ने यह साबित कर दिया कि उन पर भरोसा सही था।
क्यों कहलाती हैं छोटी शैफाली
हरियाणा से आने वाली दीया यादव को फैंस छोटी शैफाली कहते हैं। उनकी बल्लेबाजी में वही निडरता और आक्रामकता नजर आती है। दीया खुद शैफाली वर्मा को अपना आदर्श मानती हैं। जब वह सिर्फ 14 साल की थीं तब उन्होंने अंडर पंद्रह वनडे टूर्नामेंट में 124 रन की धमाकेदार पारी खेली थी। उसी पारी ने यह साफ कर दिया था कि यह खिलाड़ी आगे चलकर बड़े मंच पर जरूर चमकेगी।
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घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन
दीया यादव का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। 2025-26 सत्र की सीनियर महिला टी20 प्रतियोगिता में उन्होंने सिर्फ आठ पारियों में करीब तीन सौ रन बना डाले। उनका औसत और रन बनाने की रफ्तार दोनों ही काबिल-ए-तारीफ रहे। इसके बाद इंटर जोनल टी20 टूर्नामेंट में भी उन्होंने लगातार रन बनाकर अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
नई पीढ़ी की उम्मीद बनी दीया
आज दीया यादव सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि लाखों लड़कियों की उम्मीद बन चुकी हैं। जिस तरह कम उम्र में आईपीएल में वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रचा था उसी तरह दीया ने महिला प्रीमियर लीग में नया रास्ता दिखाया है। उनकी कहानी हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहर से बड़े सपने देखती है। आने वाले समय में दीया यादव का नाम महिला क्रिकेट की बड़ी पहचान बनने की पूरी उम्मीद है।