हरियाणा के रोहतक जिले में बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत ने पूरे खेल जगत को हिला दिया है. लाखनमाजरा स्थित स्टेडियम में 17 वर्षीय खिलाड़ी रूटीन प्रैक्टिस कर रहा था, तभी जर्जर पोल अचानक गिर गया और उसकी छाती पर आ गिरा. CCTV फुटेज में साफ दिखता है कि हार्दिक वार्मअप के दौरान पोल पर लटक रहा था. पहली बार सब ठीक रहा, लेकिन दूसरी बार पोल अपनी जड़ से हिल गया और भारी भरकम वजन सीधा खिलाड़ी पर गिर पड़ा. मौके पर मौजूद साथियों ने मदद की कोशिश की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. यह हादसा तेजी से पूरे हरियाणा में चर्चा का विषय बन गया.
18 साल की लापरवाही का नतीजा
स्थानीय खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का नतीजा है. बताया जा रहा है कि यह पोल 2007 में सांसद निधि से लगाया गया था और तब से इस पर कभी ठीक से मेंटेनेंस नहीं हुआ. लाखनमाजरा गांव हमेशा से बास्केटबॉल का केंद्र रहा है, यहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई खिलाड़ी निकल चुके हैं. लेकिन सुविधाएं बेहद कमजोर हैं. हार्दिक कुछ दिन पहले ही राष्ट्रीय कैंप से लौटा था और भविष्य में देश के लिए मेडल जीतने का सपना देख रहा था. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते उपकरण बदले जाते, तो यह हादसा टाला जा सकता था.
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राजनीति गरमाई, जनता ने सरकार को घेरा
हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. जैसे ही मामला मीडिया में आया, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए. कांग्रेस की कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार पर खेल सुविधाओं की अनदेखी का आरोप लगाया. सोशल मीडिया पर भी गुस्सा फूट पड़ा और कई लोगों ने लिखा कि जब छोटे गांवों में खिलाड़ी बड़े सपने लेकर मेहनत करते हैं, तब सिस्टम क्यों सो जाता है? लोग यह मांग कर रहे हैं कि दोषियों पर ठोस कार्रवाई हो और हर खेल सुविधा की जांच कराई जाए.
सरकार की कार्रवाई और आगे की उम्मीदें
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त कदम उठाए जाएंगे. खेल मंत्री गौरव गौतम ने तत्काल प्रभाव से जिला खेल अधिकारी को निलंबित कर दिया और बास्केटबॉल नर्सरी को भी बंद कर दिया. 28 नवंबर को राज्यस्तरीय बैठक बुलाकर सभी खेल अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा. उधर, हार्दिक के परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में शोक का माहौल है. लोग मांग कर रहे हैं कि खेल उपकरणों का पूरा ऑडिट हो और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. यह हादसा हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश के खेल सिस्टम के लिए गंभीर चेतावनी है.