Cataract Care: मोतियाबिंद की समस्या आजकल काफी आम समस्या बन गई है। मोतियाबिंद की शिकायत ज्यादातर वृद्धावस्था के समय लोगों में देखी जाती है। मोतियाबिंद एक आंख संबंधी बीमारी है, जिसमें आंखों से कम दिखाई देता है या फिर धुंधला-धुंधला दिखाई देता है। लेकिन मोतियाबिंद की समस्या एक गंभीर समस्या है, मोतियाबिंद की शिकायत डायबिटीज के मरीजों में ज्यादातर देखने को मिलती है। वैसे तो मोतियाबिंद की शिकायत होने पर डॉक्टर सर्जरी कराने की सलाह देते हैं, लेकिन कुछ घरेलू इलाजों को अपनाकर आप कुछ हद तक इसे कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं मोतियाबिंद की समस्या को कम करने के क्या-क्या आयुर्वेदिक इलाज होते हैं।
त्रिफला
मोतियाबिंद की शिकायत होने पर त्रिफला का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि त्रिफला में कई ऐसे तत्व पाये जाते हैं, जो आंखों के लिए काफी लाभदायक साबित होते हैं। इसके लिए रोजाना त्रिफला के पाउडर का सेवन करना चाहिए।
लहसुन
मोतियाबिंद की शिकायत होने पर लहसुन का सेवन करना चाहिए। लहसुन औषधीय गुणों से भरपूर होता है, इसलिए अगर आप लहसुन का सेवन करते हैं, तो मोतियाबिंद की बीमारी में काफी आराम मिलता है।
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चंदन
चंदन का पाउडर आंखों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसलिए अगर मोतियाबिंद की शिकायत होने पर आप चंदन का लेप बनाकर आंखों पर लगाते हैं, तो इससे मोतियाबिंद की समस्या काफी हद तक ठीक होती है।
चौलाई के पत्तों का रस
चौलाई के पत्तों का रस आंखों के लिए रामबाण माना जाता है, चौलाई के पत्तों का रस पीने से आंखें स्वस्थ रहती है। साथ ही अगर किसी को मोतियाबिंद की शिकायत है, तो उसके लक्षणों को भी कम करने में मदद करता है।
नींबू और गुलाब जल
मोतियाबिंद की शिकायत होने पर नींबू और गुलाब जल भी काफी फायदेमंद साबित होता है। इसके लिए गुलाब जल में नींबू का रस मिलाकर रख लें, फिर रोजाना 2-2 बूंद आंखों में डालें, इससे मोतियाबिंद की बीमारी में आराम मिलता है।