Dementia Disease: कई लोगों में ये समस्या देखी जाती है कि वो चीजें रख के भूल जाते हैं। कई बार लोगों में छोटी-छोटी बातों को भूल जाने की परेशानी देखने को मिलती है। शुरुआत में लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन बाद में इसकी वजह से लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है। बार-बार भूलने की बीमारी को डिमेंशिया कहा जाता है। डिमेंशिया एक गंभीर बीमारी है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त, सोचने और समझने की क्षमता कमजोर हो जाती है। दुनियाभर में 5.7 करोड़ से ज़्यादा लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।
युवाओं में बढ़ रही बीमारी
यह उम्रदराज लोगों में पाई जाने वाली बीमारी है। उम्र बढ़ने के साथ यादाश्त का कमजोर होना स्वभाविक है। हर 100 में से 70 बुजुर्गों में डिमेंशिया की बीमारी देखने को मिल सकती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अब यह बीमारी न कि सिर्फ उम्रदराज लोगों में बल्कि युवाओं में भी देखने को मिल रही है। युवा भी अब डिमेंशिया बीमारी का तेजी से शिकार हो रहे हैं। जवानी में भुलक्कड़ होना तनाव और मल्टीटास्किंग का नतीजा है।
डिमेंशिया क्या है ?
डिमेंशिया दिमाग से जुड़ी एक गंभीर बीमारी हैं, जिनमें याददाश्त कमजोर होने लगती है, निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है और व्यक्ति का व्यवहार भी बदल सकता है। ये समस्याएं उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा देखने को मिलती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में युवाओं में भी इनका खतरा बढ़ रहा है। इस बीमारी का सबसे मुख्य कारण मानसिक तनाव, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, पर्याप्त नींद की कमी और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर हैं।
88 लाख लोग डिमेंशिया से पीड़ित
अल्जाइमर एंड डिमेंशिया एसोसिएशन के जनरल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, भारत में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 88 लाख लोग डिमेंशिया से पीड़ित हैं। द लैंसेट पब्लिक हेल्थ के मुताबिक, यह संख्या 2050 तक बढ़कर 1 करोड़ 14 लाख तक हो सकती है।
डिमेंशिया के कारण
1. पर्याप्त नींद न लेना
2. असंतुलित आहार
3. एक्सरसाइज की कमी
4. ज्यादा शराब और धूम्रपान
5. शरीर में ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन 12 की कमी
6. सिर की चोट से बचें
7. ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त आहार का सेवन करे
डिमेंशिया से बचाव के उपाय
1. पर्याप्त नींद जरूर लें
2. नियमित रूप से व्यायाम करें
3. तनाव मुक्त रहे
4. स्वस्थ आहार खाएं
5. धूम्रपान और शराब का सेवन न करें