Nepal Flash Flood Update -नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने बड़े इलाके में भारी तबाही मचा दी है। तेज बहाव की चपेट में आने से कई लोगों की जान गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस बीच भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता बढ़ी हुई है। यूपी और बिहार में भी नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
270 शव बरामद, सैकड़ों लोग लापता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 270 शव बरामद किए जा चुके हैं। रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी के उफान ने सड़क, पुल और संपर्क व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई वाहन तेज बहाव में बह गए, जबकि जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में पहुंचना मुश्किल होने के कारण राहत टीमों को लगातार चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
288 भारतीय नागरिकों को लेकर चिंता
नेपाल में फंसे भारतीयों को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। अलग-अलग समूहों में कुल 288 भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए यात्रियों के साथ-साथ विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे भारतीय भी शामिल हैं। वहीं तमिलनाडु के 21 यात्रियों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
178 भारतीय पर्यटकों से संपर्क टूटा
रसुवा जिले में बाढ़ के बाद 517 विदेशी पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया था, जिनमें 178 भारतीय बताए गए हैं। इसके अलावा अमेरिका, यूक्रेन, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन समेत कई देशों के पर्यटक भी प्रभावित क्षेत्र में फंसे बताए जा रहे हैं। प्रशासन और बचाव दल इन लोगों का पता लगाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
यूपी-बिहार में भी बढ़ी निगरानी
नेपाल की बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश और बिहार में गंडक, नारायणी और कोसी समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। महाराजगंज, कुशीनगर और बिहार के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र और राज्य स्तर पर स्थिति की निगरानी की जा रही है।
100 भारतीय और 25 चीनी नागरिक मिले सुरक्षित
बचाव अभियान के बीच राहत देने वाली खबर भी सामने आई है। नेपाल में करीब 100 भारतीय पर्यटकों का पता लगाया गया है। इसके साथ ही 25 चीनी नागरिकों के भी सुरक्षित मिलने की जानकारी है। भारत की ओर से नेपाल को हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया है। राहत कार्य के साथ अब प्राथमिकता लापता लोगों तक पहुंचने और उनके परिवारों को सही जानकारी देने की है।