महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में पिकनिक मनाने पहुंचे छात्रों के लिए समुद्र की सैर जानलेवा साबित हुई। श्रीवर्धन तालुका के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दिवेआगर समुद्र तट पर समुद्र में उतरे पुणे के एक कॉलेज के आठ छात्रों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी छात्र पुणे के आळंदी इलाके से छुट्टियां बिताने और घूमने के लिए दिवेआगर पहुंचे थे। समुद्र में नहाने और लहरों का आनंद लेने के दौरान छात्र गहरे पानी की ओर चले गए। तेज लहरों और समुद्र के बहाव का सही अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वे अचानक पानी की चपेट में आ गए और बह गए। हादसे की जानकारी सामने आते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
तेज बहाव ने बढ़ाई मुश्किल
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, छात्र समुद्र में मौज-मस्ती कर रहे थे। इसी दौरान कुछ छात्र ऐसे हिस्से में पहुंच गए, जहां पानी अपेक्षाकृत गहरा था और लहरों का बहाव भी तेज था। अचानक स्थिति बिगड़ने के बाद छात्रों को संभलने का मौका नहीं मिला। आसपास मौजूद लोगों और पर्यटकों ने मदद के लिए आवाज लगाई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। समुद्र में लापता छात्रों की तलाश के लिए स्थानीय लोग भी आगे आए।
वाटर स्पोर्ट्स टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दिवेआगर के भाऊ मारुती सालुंखे महाकाली वाटर स्पोर्ट्स के संचालक और उनकी टीम सक्रिय हो गई। टीम के सदस्यों ने जोखिम उठाते हुए समुद्र में उतरकर छात्रों की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद सभी आठ छात्रों को समुद्र से बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों की इस कोशिश से बचाव अभियान तेजी से आगे बढ़ा और सभी शवों को बाहर निकाल लिया गया।
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पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची
हादसे की सूचना मिलने के बाद दिघी सागरी बोर्ली पंचतन पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष आवटी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी शवों को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के लिए बोर्ली पंचतन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पुलिस की ओर से मामले की आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
परिवारों में पसरा मातम
एक साथ आठ छात्रों की मौत की खबर सामने आने के बाद उनके परिवारों में मातम का माहौल है। छुट्टियां बिताने और घूमने के लिए निकले छात्रों की यात्रा इतनी दर्दनाक घटना में बदल जाएगी, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। इस हादसे ने समुद्र तटों पर सुरक्षा और पानी में उतरते समय सावधानी बरतने को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर पर्यटकों से समुद्र की गहराई, लहरों और बहाव की स्थिति को समझे बिना पानी में न उतरने की अपील की जाती है।