Head coach Harendra resigns: भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए ‘निजी कारणों’ का हवाला देकर तुरंत प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हॉकी इंडिया ने देर शाम जारी बयान में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हरेंद्र ने अपना त्यागपत्र भेजते हुए पद छोड़ने का निर्णय व्यक्तिगत कारणों से लिया है। गौरतलब है कि उन्होंने अप्रैल 2024 में ही यह जिम्मेदारी संभाली थी और उनसे उम्मीद की जा रही थी कि वे टीम के साथ लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 तक बने रहेंगे।
ईमेल के जरिए दिया त्यागपत्र, बताया—यह मेरा निजी फैसला
सूत्रों के अनुसार, हरेंद्र सिंह ने हॉकी इंडिया को ईमेल भेजकर तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की जानकारी दी। उन्होंने अपने बयान में कहा कि भारतीय महिला टीम का कोच होना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि रही और वे इस टीम के साथ बिताए समय को हमेशा याद रखेंगे। हरेंद्र ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह निजी है और वे आगे भी भारतीय हॉकी के विकास में योगदान देते रहेंगे।
शोर्ड मारिन की संभावित वापसी, खराब प्रदर्शन बना प्रमुख कारण
सूत्रों का कहना है कि हरेंद्र के इस्तीफे के बाद नीदरलैंड के शोर्ड मारिन की भारतीय महिला टीम के कोच के रूप में वापसी की संभावनाएँ बढ़ गई हैं। मारिन के मार्गदर्शन में ही भारत ने तोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया था। बताया जा रहा है कि हरेंद्र के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, खासकर जब सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई थीं। टीम की फिटनेस भी बड़ी चुनौती रही और कई खिलाड़ी चोट से जूझ रहे थे। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने हरेंद्र को उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि जल्द ही नए कोच की घोषणा की जाएगी।
टीम के प्रदर्शन में गिरावट, कई बड़े टूर्नामेंट में निराशा
पिछले एक साल में भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। एफआईएच प्रो लीग 2024–25 में टीम को 16 मैचों में सिर्फ दो जीत मिली, तीन मैच ड्रॉ रहे और 11 मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी। टीम 10 अंकों के साथ नौ टीमों की तालिका में सबसे नीचे रही और अगले सत्र के लिए क्वालीफाई भी नहीं कर पाई। हालांकि एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत ने खिताब जीता, लेकिन वहां प्रतियोगी टीमें अपेक्षाकृत कमजोर थीं। एशिया कप में फाइनल हारने के चलते टीम सीधे विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी और अब क्वालीफायर्स का रास्ता अपनाना होगा। हॉकी इंडिया महासचिव भोलानाथ सिंह के अनुसार, टीम की विश्व कप क्वालीफायर्स की तैयारी जारी रहेगी।