हर साल गर्मी का कहर बढ़ता ही जा रहा है। गर्मीयां आते ही शरीर में काम करने की क्षमता कम होने लगती है, बीमारियां घर कर लेती हैं और शरीर को मानसिक तनाव के साथ कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जिन लोगों पर गर्मी का असर ज्यादा जल्दी पड़ता है उनकी जानकारी देते हुए एक्सपर्ट ने कई जरुरी बातें बताई हैं। साथ ही आने वाली गर्मी के खतरनाक कहर से बचने के लिए भी एक्सपर्ट ने सलाह दी है। आइए आपको पूरी जानकारी देते हैं।
गर्मी में इन बीमारियां का कहर
भारत में गर्मीयों का मौसम अपने चरम पर होता है जिससे शरीर के साथ दिमाग पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। शारिरिक तौर पर शरीर में थकावट बढ़ने लगती है और भारीपन महसूस होता है। शरीर में डिहाइड्रेशन, सनबर्न की गंभीर स्थिति की समस्या का सामना करना पड़ता है। साथ ही ज्यादा गर्मी से मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर पड़ता है। मानसिक तनाव के अलावा ध्यान लगाने में परेशानी होती है और ध्यान जल्दी भटकने लगता है। ज्यादा गर्मी के कारण नर्वस सिस्टम पर असर पड़ता है और सिरदर्द, चक्कर, कन्फ्यूजन आदि समस्याएं शरीर में अपनी जगह बना लेती हैं।
नर्वस सिस्टम पर खतरा
रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादा गर्मी का हमारे शरीर और मस्तिष्क पर खतरनाक प्रभाव पड़ता है। एक्सपर्ट और रिसर्च के मुताबिक बच्चें, बुजुर्ग या पहले ही किसी न्यूरोलॉजिकल समस्या से पीड़ित लोगों के लिए ज्यादा गर्मी जोखिम का कारण हो सकती है।
1. गर्मी का ज्यादा असर उन बच्चों में जल्दी देखने को मिलता है जिन्हे ड्रैवेट सिंड्रोम जैसी एपिलेप्सी की समस्या है। अत्यधिक गर्मी के कारण उनकी स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
2. अत्यधिक गर्मी से याददाश्त पर सीधा असर पड़ता है जिससे मानसिक तनाव, ब्रेन फॉग, सोचने-समझने की क्षमता, याददाश्त का कमज़ोर होना, ध्यान लगाने में परेशानी जैसी समस्या होती है।
3. मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसे रोगों के लक्षण ज्यादा गर्मी होने की वजह से बढ़ सकते हैं।
4. शरीर में डिहाइड्रेशन होने से ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का खतरा भी बढ़ जाता है।
5. जो लोग पार्किंसन और अल्जाइमर के मरीज हैं उनके लिए ज्यादा गर्मी परेशानी बन सकती है। इन मरीजों के शरीर में तापमान कंट्रोल करने की क्षमता कमजोर होती है जो अधिक गर्मी में गंभीर परेशानी पैदा कर सकती है।
6. जो लोग माइग्रेन जैसी बीमारी से ग्रसित है उन्हें ये गर्मी ट्रिगर कर सकती है जो सिरदर्द को बढ़ा सकती है।
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एक्सपर्ट ने साझा की जानकारी
चेन्नई में स्थित कावेरी हॉस्पिटल की सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. शुभा सुब्रमणियन के मुताबिक ज्यादा गर्मी और उमस के कारण शरीर में डिहाइड्रेशन की गंभीर समस्या हो जाती है जिसमें पानी और सोडियम की कमी हो जाने के कारण हमारा शरीर सुचारु रुप से काम करने की क्षमता में नहीं रहता। अत्यधिक गर्मी और उमस से ज्यादा पसीना आता है जिससे शरीर में सोडियम लेवल गिर जाता है। इससे स्थिति और गंभीर हो जाती है और हीट स्ट्रोक, बेहोशी, सीजर आदि का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में वे सलाह देते हुए कहती हैं कि जो लोग पहले से किसी समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें खुद को हाइड्रेटिड रखना बहुत जरुरी है। साथ ही सभी को अपनी सेहत ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहती हैं कि अपने खान-पान में फल और हरी-तरल सब्जियों को शामिल करें और शरीर में पानी की कमी ना होने दें।
लापरवाही पड़ेगी मेहंगी
लंबे समय तक बाहर काम करने वाले लोग लापरवाही करने से बचें। डिलीवरी वर्कर्स, रेहड़ी-पटरी वाले, ट्रैफिक पुलिस, अन्य लोगों को भी गर्मी में सावधानी बरतने की सलाह है। साथ ही घर के अंदर खराब वेंटिलेशन, बिजली कटौती या कूलिंग की कमी से स्थिति और बिगड़ सकती है जिससे शारिरिक और मानसिक संतुलन प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में सभी को अपनी हेल्थ पर खास ध्यान देने की जरुरत है।