Health Tips : आज के भागदौड़ भरे जीवन में हम अक्सर अपने शरीर के इशारों को नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर तब जब वे रात के समय दिखाई देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार किडनी (गुर्दे) की गंभीर समस्याएं रात के वक्त नींद में अपने संकेत देती हैं? किडनी हमारे शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है. अगर यह अंग ठीक से काम न करे, तो शरीर के अंदर ज़हर भरने लगता है — और इसके लक्षण हमें चुपचाप परेशान करने लगते हैं.
अगर आप भी सोते समय नीचे बताए गए 6 लक्षणों में से कोई भी महसूस करें, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें. यह संकेत हो सकते हैं कि आपकी किडनी पूरी तरह से फेल हो चुकी है, और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना ज़रूरी है. सबसे पहला लक्षण है रात में बार-बार पेशाब आना. अगर आप हर कुछ घंटे में उठकर पेशाब करने जाते हैं, खासकर जब दिन में ऐसा न होता हो, तो यह किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है.
दूसरा लक्षण है पैरों, टखनों या आंखों के नीचे सूजन, जो सोते समय और जागते वक्त ज्यादा महसूस होती है. जब किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी नहीं निकाल पाती, तो वह सूजन के रूप में जमा होने लगता है.
तीसरा बड़ा संकेत है नींद में बार-बार सांस फूलना या दम घुटना. यह इस बात का सबूत हो सकता है कि शरीर में अतिरिक्त फ्लूइड जमा हो गया है और फेफड़ों पर दबाव डाल रहा है.
चौथा लक्षण है नींद में बेचैनी और पैरों में अकड़न या झनझनाहट, जो अक्सर नींद को तोड़ देती है . यह किडनी से संबंधित इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण हो सकता है.
पाँचवां लक्षण है अचानक रात में तेज खुजली होना, खासकर पीठ या पैरों में — यह शरीर में जमा विषैले पदार्थों का परिणाम होता है और आखिर में छठा, लेकिन सबसे गंभीर लक्षण है रात में मुंह का स्वाद खराब हो जाना या सांसों से बदबू आना. यह यूरिया के शरीर में अधिक मात्रा में जमा होने का सीधा असर होता है.
अगर आपको इन लक्षणों में से दो या अधिक महसूस होते हैं, तो यह सिर्फ एक थकान नहीं — बल्कि शरीर की गंभीर चेतावनी है. किडनी की बीमारियां अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहलाती हैं क्योंकि इनके लक्षण धीरे-धीरे और देर से सामने आते हैं. इसलिए इन संकेतों को हल्के में न लें और जल्द से जल्द नेफ्रोलॉजिस्ट या किसी योग्य डॉक्टर से संपर्क करें. समय रहते किया गया इलाज न केवल किडनी को बचा सकता है, बल्कि आपकी ज़िंदगी भी.