
Health Tips : क्या आपने कभी गौर किया है कि महिलाएं अक्सर पुरुषों की तुलना में ज्यादा थकी हुई महसूस करती हैं और उन्हें नींद की भी ज्यादा ज़रूरत होती है? यह कोई वहम नहीं, बल्कि विज्ञान द्वारा सिद्ध एक सच्चाई है. रिसर्च बताती हैं कि महिलाओं के मस्तिष्क की कार्यप्रणाली, उनकी दिनचर्या और मानसिक जिम्मेदारियाँ इस बात की मांग करती हैं कि उन्हें पुरुषों के मुकाबले रोजाना कुछ ज़्यादा समय की नींद की ज़रूरत होती है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजहें और कितना अधिक समय उन्हें सोना चाहिए.
1. महिलाओं का मस्तिष्क करता है मल्टीटास्किंग
महिलाएं आमतौर पर मल्टीटास्किंग में माहिर होती हैं — वे एक साथ घर, काम, बच्चों और सामाजिक जिम्मेदारियों को संभालती हैं. लगातार एक से अधिक कामों पर ध्यान देने के कारण उनका दिमाग पुरुषों की तुलना में ज्यादा सक्रिय और व्यस्त रहता है. यही वजह है कि मस्तिष्क को सही से रीकवर होने और रीचार्ज होने के लिए उन्हें ज़्यादा नींद की आवश्यकता होती है.
2. नींद की गुणवत्ता और हार्मोनल बदलाव
महिलाओं के शरीर में मासिक धर्म, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) जैसे कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं. यह कारण बनता है नींद में खलल और बार-बार नींद खुलने का. ऐसे में महिलाओं को न केवल अधिक नींद की जरूरत होती है, बल्कि गहरी और शांति से भरी नींद की भी.
3. रिसर्च कहती है – 20 मिनट ज्यादा नींद जरूरी
एक मशहूर ब्रिटिश अध्ययन के अनुसार, महिलाओं को पुरुषों की तुलना में औसतन 20 मिनट ज्यादा नींद की जरूरत होती है.हालांकि यह समय हर महिला के शरीर, उम्र और दिनचर्या के अनुसार थोड़ा बहुत अलग हो सकता है, लेकिन यह साफ है कि महिलाओं को बेहतर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अतिरिक्त आराम की ज़रूरत होती है.
4. कम नींद के असर और क्या करें उपाय?
अगर महिलाएं लगातार कम नींद लेती हैं, तो उन्हें चिड़चिड़ापन, तनाव, एकाग्रता की कमी और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में जरूरी है कि वे खुद को समय दें, रात को जल्दी सोने की कोशिश करें, दिन में कुछ देर रिलैक्स करें और सोने से पहले मोबाइल या स्क्रीन टाइम कम करें. परिवार और समाज को भी चाहिए कि वे महिलाओं की नींद और आराम को प्राथमिकता दें.