Heartbreaking tragedy in Sudan: सूडान के दक्षिण कोर्दोफान राज्य के कलोगी शहर में अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) ने एक किंडरगार्टन पर ड्रोन हमला कर दिया, जिसमें कुल 50 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 33 मासूम बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, घटना के बाद पैरामेडिकल टीम जब मौके पर पहुंची तो उन पर भी दूसरा हमला किया गया, जिससे हालात और भयावह हो गए। हमले के तुरंत बाद पूरे इलाके में संचार व्यवस्था ठप हो गई, जिसके कारण मरने वालों की वास्तविक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। यह हमला सेना और आरएसएफ के बीच दो साल से अधिक समय से चल रहे संघर्ष का ताजा उदाहरण है।
यूनिसेफ ने इस हमले पर कड़ा गुस्सा जताते हुए कहा कि स्कूलों और बच्चों पर हमला किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। यूनिसेफ के प्रतिनिधि शेल्डन येट ने कहा कि बच्चों को युद्ध की कीमत चुकाने पर मजबूर करना मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने सभी पक्षों से मानवतावादी सहायता कर्मियों को सुरक्षित और बिना बाधा के पहुंच देने की अपील की। कोर्दोफान क्षेत्र में पिछले कुछ सप्ताह से हिंसा बढ़ी है, जहां दारफुर से पीछे हटने के बाद आरएसएफ और सेना के बीच लड़ाई और तीखी हो गई है।
पिछले हफ्ते भी हुआ था बड़ा हमला
दक्षिण कोर्दोफान में इससे पहले भी रविवार को सेना के हवाई हमले में 48 लोगों की मौत हुई थी। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि कोर्दोफान में अल-फाशेर जैसी क्रूर घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है, जहां नागरिकों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार किए गए थे।
2023 से जारी है खूनखराबा
आरएसएफ और सूडानी सेना के बीच सत्ता संघर्ष 2023 से जारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस संघर्ष में अब तक 40,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 1.2 करोड़ से अधिक लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं। राहत एजेंसियों का दावा है कि वास्तविक मौतों का आंकड़ा इससे भी कई गुना अधिक हो सकता है।