Heatwave : देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच एक नई स्टडी ने चिंताजनक तस्वीर पेश की है। शोधकर्ताओं के अनुसार, अत्यधिक तापमान वाला सिर्फ एक दिन भारत में करीब 3,400 अतिरिक्त मौतों का कारण बन सकता है। वहीं यदि हीटवेव लगातार पांच दिनों तक बनी रहती है, तो इससे होने वाली अतिरिक्त मौतों की संख्या 30 हजार के करीब पहुंच सकती है। अध्ययन में कहा गया है कि गर्मी का वास्तविक असर सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकता है, क्योंकि कई मामलों में मौत का कारण सीधे तौर पर हीटवेव दर्ज नहीं किया जाता.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा?
अध्ययन के अनुसार उत्तर भारत और मध्य भारत के कई राज्य हीटवेव के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में गर्मी से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम अधिक बताए गए हैं। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि केवल उत्तर प्रदेश में ही पांच दिनों की भीषण गर्मी के दौरान हजारों अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं। इसके अलावा अहमदाबाद, जयपुर और सूरत जैसे शहरों वाले जिलों में भी गर्मी का प्रभाव गंभीर हो सकता है.
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हीटवेव की आवृत्ति, अवधि और तीव्रता लगातार बढ़ रही है। हाल के वर्षों में कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। इसके साथ ही रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक रहने लगा है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पाती। शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट और भवनों के कारण गर्मी लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे और बढ़ जाते हैं.
सबसे ज्यादा प्रभावित कौन?
अध्ययन में बताया गया है कि खेतों में काम करने वाले किसान, निर्माण श्रमिक, रेहड़ी-पटरी विक्रेता और खुले में काम करने वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में हैं। इसके अलावा बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोग भी गर्मी के दुष्प्रभावों का आसानी से शिकार हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी केवल लू का कारण नहीं बनती, बल्कि हृदय, फेफड़ों और अन्य गंभीर बीमारियों को भी बढ़ा सकती है.
विशेषज्ञों ने क्या दी सलाह?
शोधकर्ताओं ने सरकारों और स्थानीय प्रशासन को हीट एक्शन प्लान मजबूत करने, समय पर चेतावनी जारी करने और संवेदनशील आबादी को राहत पहुंचाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि यदि अभी से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में हीटवेव एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को भी पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है.