पाकिस्तान और अफगानिस्तान की साझा सीमा एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। चमन–स्पीन बोल्डक क्षेत्र में हुई भारी फायरिंग में अफगानिस्तान के चार नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगा रहे हैं, जिससे हाल ही के तनावपूर्ण रिश्तों में और दरार आ गई है। रातभर चली कार्रवाई ने इलाके में दहशत बढ़ा दी है।
सीमा पर अचानक बढ़ा तनाव, नागरिक बने निशाना
चमन से सटे स्पीन बोल्डक इलाक़े में शुक्रवार देर रात अचानक गोलियों और मोर्टार की आवाज़ें गूंज उठीं। अफगान स्थानीय प्रशासन ने दावा किया कि पाकिस्तान की ओर से की गई भारी फायरिंग में चार नागरिकों की जान चली गई है। घायलों को सीमावर्ती अस्पतालों में भर्ती किया गया है। वहीं पाकिस्तान की ओर से किसी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर लगाया पहले हमला करने का आरोप
सीमा विवाद पर दोनों देशों की बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बिना उकसावे के हमला किया, जिसके बाद अफगान बलों ने जवाबी कार्रवाई की। दूसरी ओर, पाकिस्तान का दावा है कि अफगान बलों ने बदानी क्षेत्र में मोर्टार दागे, जिसके बाद प्रतिक्रिया स्वरूप पाकिस्तानी सेना को फायरिंग करनी पड़ी।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि गोलीबारी देर रात तक जारी रही, जिससे सीमा के दोनों ओर आवागमन ठप हो गया।
कई दिनों से बढ़ता तनाव, युद्धविराम पर भी अनिश्चितता
चमन–स्पीन बोल्डक मार्ग दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक और रणनीतिक गलियारा है। पिछले महीने दोनों पक्ष युद्धविराम पर सहमत हुए थे, लेकिन हालिया फायरिंग ने इस समझौते पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पार बढ़ती हिंसा से कूटनीतिक प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है।