देश के कई हिस्सों में जारी भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राजस्थान के दौसा, कोटा और बूंदी में सेना और वायुसेना को राहत कार्य में लगाना पड़ा है, जबकि जम्मू में 24 घंटे में 190 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो तीन दशक में सबसे ज्यादा है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, एमपी, महाराष्ट्र और पहाड़ी राज्यों में अगले 24 घंटे के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।
राजस्थान में बाढ़ जैसे हालात
राजस्थान के कई जिले जलभराव और बाढ़ से प्रभावित हैं। कोटा और बूंदी में सड़कें बह गईं, पुल धंस गए और स्कूल बंद करने पड़े। सेना और वायुसेना का बचाव अभियान जारी है। जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और अजमेर में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
जम्मू-कश्मीर में तीन दशक बाद इतनी बारिश
जम्मू में 24 घंटे में 190 मिमी बारिश दर्ज की गई। कठुआ में पुल टूटने से जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। आईआईआईएम छात्रावास में सात फीट पानी भर गया और 100 छात्रों को नाव की मदद से सुरक्षित निकाला गया। कई मकान क्षतिग्रस्त हुए और तवी नदी उफान पर आ गई।
हिमाचल में बादल फटना और बर्फबारी
हिमाचल के चंबा जिले के डलहौजी में बादल फटने से कई वाहन मलबे में दब गए। भूस्खलन से सड़कें बंद हो गईं और बस-टैक्सी मलबे में फंस गईं। वहीं, रोहतांग और बारालाचा दर्रे पर बर्फबारी होने से ठंड बढ़ गई है।
यूपी और उत्तराखंड में अलर्ट
उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। गोरखपुर, देवरिया, बस्ती और बरेली समेत तराई क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। उत्तराखंड में देहरादून, टिहरी और चमोली समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। देहरादून और चमोली में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
लगातार सक्रिय रहेगा मानसून
विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम और पश्चिम भारत में सक्रिय चक्रवाती गतिविधियों के कारण मानसून की तीव्रता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। पहाड़ी और समुद्रतटीय इलाकों में बारिश का असर और तेज हो सकता है।