मध्यप्रदेश में लौटते मानसून ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 72 घंटे प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर 11 जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है, वहीं 14 जिलों में बादलों की गर्जना के साथ अतिभारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। लोकल सिस्टम एक्टिव होने के कारण बारिश का ये दौर अचानक तेज़ हो सकता है, जो रहस्यमय मौसम की ओर इशारा करता है।
14 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का खतरा
ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, खरगोन, बड़वानी और धार में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, दतिया, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, निवाड़ी और पांढुर्णा में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अचानक बढ़ते बादलों की घेराबंदी और रात में तेज़ गर्जना लोगों को हैरान कर सकती है।
मानसून की रहस्यमय चाल
प्रदेश के ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, दतिया, शिवपुरी, गुना और रतलाम से मानसून विदा हो चुका है। मगर विदाई के बावजूद बादलों का यह खेल समझ से परे है। मौसम वैज्ञानिक मानते हैं कि कोई बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं है, फिर भी लोकल सर्कुलेशन अचानक बारिश का कारण बन रहा है।
सावधानी ही सुरक्षा
अगले तीन दिन यानी रविवार से बुधवार तक तेज़ बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।