अफगानिस्तान में बीते 24 घंटों के दौरान बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 26 लोग घायल हो गए। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण प्रवक्ता हाफिज मोहम्मद यूसुफ हम्माद के अनुसार, भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने की घटनाएं हुईं। यह घटनाएं परवान, दायकुंडी, वारदक और लोगर प्रांतों समेत देश के कई हिस्सों में हुईं।
147 घर क्षतिग्रस्त हो गए
बाढ़ के कारण 147 घर क्षतिग्रस्त हो गए। 80 किलोमीटर सड़क बह गई और 582 एकड़ कृषि भूमि के साथ 31 जल नहरें और सिंचाई नेटवर्क भी प्रभावित हुए। उन्होंने बताया कि ये जानकारी प्रारंभिक है और स्थिति का आकलन अभी जारी है।
बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है
हम्माद ने चेतावनी दी कि जैसे-जैसे और जानकारी सामने आएगी, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। अफगानिस्तान के मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
11 लोगों की मौत हो गई थी
इससे पहले 22 जनवरी को प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने बताया था कि भारी बर्फबारी और बारिश के कारण कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, परवान, वारदक, दक्षिणी कंधार, उत्तरी जौज़जान, फरयाब और मध्य बामियान प्रांतों में खराब मौसम का असर पड़ा था।
530 पशुओं की मौत हो गई
तूफानों ने नौ घरों को आंशिक रूप से नष्ट कर दिया और 530 पशुओं की मौत हो गई, जिससे इन कृषि-आधारित क्षेत्रों में लोगों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा। बर्फ जमने से कई प्रमुख सड़कें बंद हो गईं, जिन्हें खोलने के लिए प्रशासन की ओर से तत्काल कार्रवाई की गई।
उत्पादकों को भारी नुकसान हुआ
पिछले साल अक्टूबर में भी भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण काबुल, लगमान और कापिसा प्रांतों में 721 परिवार प्रभावित हुए थे। प्राधिकरण के प्रवक्ता मोहम्मद यूनुस हमाद ने बताया कि कई घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो गए। एक हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि बह गई और फल उत्पादकों को भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा कई किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं।