हेमा मालिनी ने वृंदावन में प्रस्तावित बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए गोस्वामी समाज से विशेष अपील की है. उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर वृंदावन की आवश्यकता है और यदि इसे अभी नहीं बनाया गया तो भविष्य में यह संभव नहीं होगा. सांसद ने गोस्वामी समाज से सहयोग की अपील करते हुए कहा, "नहीं तो लोग यहां मरते रहेंगे."
गोस्वामी समाज कर रहा है विरोध
कॉरिडोर निर्माण के विरोध में गोस्वामी समाज के लोग इसे उनके अधिकारों का हनन मानते हुए विरोध कर रहे हैं. इस पर हेमा मालिनी ने आश्वासन दिया कि कॉरिडोर निर्माण से विस्थापित होने वाले लोगों को उचित मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि दुकान-मकान के बदले दुकान भी दी जाएगी और पूर्व प्राचीन मंदिरों को संरक्षित रखा जाएगा. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को कॉरिडोर निर्माण से परेशानी है तो वह अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं.
सांसद ने यह भी बताया कि कॉरिडोर बनने से न केवल मंदिर परिसर सुव्यवस्थित होगा, बल्कि यहां के व्यापारी, होटल व्यवसायी और स्थानीय नागरिकों को भी बड़ा फायदा मिलेगा. इसके अलावा, पर्यटन बढ़ने से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे.
सुप्रीम कोर्ट में भी दायर है याचिका
हालांकि, गोस्वामी समाज और स्थानीय व्यापारियों ने इस परियोजना का विरोध जारी रखा है, और कुछ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है. उनका कहना है कि कॉरिडोर निर्माण से वृंदावन की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को नुकसान पहुंचेगा.