छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश की सीमा पर चल रहे एक बड़े ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को ऐतिहासिक सफलता मिली है। मारेदुमिल्ली इलाके के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में कुख्यात माओवादी कमांडर माडवी हिडमा और उसकी पत्नी राजे समेत छह नक्सली ढेर हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह वही हिडमा है, जिस पर एक करोड़ का इनाम था और जो देश के सबसे घातक नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था।
हिडमा का सफाया: वर्षों की तलाश का अंत
सूत्रों के अनुसार आंध्र प्रदेश की स्पेशल फोर्स ने PLGA बटालियन नंबर 1 के प्रमुख माडवी हिडमा को मुठभेड़ में मार गिराया। हिडमा हाल ही में संगठन की केंद्रीय समिति में शामिल हुआ था और 200 से अधिक हथियारबंद नक्सलियों के साथ चलता था। उसकी हत्या नक्सल नेटवर्क की रीढ़ पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है।
कौन था माडवी हिडमा?
1981 में सुकमा जिले के पूवर्ति गांव में जन्मा हिडमा माओवादी संगठन का सबसे कुख्यात चेहरा था। वह कम से कम 26 बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है, जिनमें 2013 दरभा घाटी नरसंहार और 2017 सुकमा हमला शामिल हैं। उसकी क्रूर रणनीतियों और हमलों की क्षमता के कारण उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
पत्नी राजे और अन्य कैडर भी मारे गए
ऑपरेशन में हिडमा की दूसरी पत्नी राजे (राजक्का), सब जोनल कमेटी मेंबर सुरेश, टेक शंकर समेत छह नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। दो अन्य मारे गए उग्रवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। सुरक्षाबलों ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है।
सुरक्षा एजेंसियों का दावा: ऐतिहासिक ऑपरेशन
प्रारंभिक संकेतों के अनुसार यह मुठभेड़ वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। अधिकारियों के मुताबिक हिडमा का मारा जाना नक्सली संरचना को गहरी चोट पहुंचाएगा और बस्तर–आंध्र सरहद पर सक्रिय मॉड्यूल कमजोर पड़ सकते हैं।