High Alert Ahead of Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रविवार को माउंटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी) का व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित किया। इस अभ्यास का उद्देश्य यात्रा मार्ग पर किसी भी आतंकी हमले, प्राकृतिक आपदा, भूस्खलन, मेडिकल इमरजेंसी या अन्य संकट की स्थिति में सुरक्षा बलों और बचाव एजेंसियों की तत्परता को परखना था। अधिकारियों के अनुसार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां तेज गति से चल रही हैं।
18 संवेदनशील स्थानों पर हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों, पहलगाम और बालटाल, पर आयोजित की गई। इसके तहत पवित्र गुफा, पंजतरनी, शेषनाग, चंदनवाड़ी सहित कुल 18 संवेदनशील स्थानों को शामिल किया गया। विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग आपात परिस्थितियों का अभ्यास कर सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और समन्वय का परीक्षण किया गया।
बचाव और राहत कार्यों का किया अभ्यास
अभ्यास के दौरान माउंटेन रेस्क्यू टीमों ने घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, राहत एवं बचाव अभियान चलाने, संचार व्यवस्था बनाए रखने, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के इस्तेमाल और निकासी प्रक्रिया का अभ्यास किया। इसके साथ ही विभिन्न सुरक्षा और राहत एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियों पर जताया भरोसा
जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार मॉक ड्रिल में सभी माउंटेन रेस्क्यू टीमों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के नियमित अभ्यास का उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत उपलब्ध कराना है। प्रशासन लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है ताकि यात्रा बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा
इस वर्ष बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। यात्रा 57 दिनों तक चलेगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा 2 जुलाई को भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना करेंगे। प्रशासन का कहना है कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।