77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। अलर्ट पोस्टरों में एक स्थानीय संदिग्ध आतंकी की तस्वीर सामने आने के बाद चौकसी और बढ़ा दी गई है। कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में तकनीक आधारित निगरानी, हजारों जवानों की तैनाती और ड्रोन रोधी व्यवस्था के साथ व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।
अलर्ट पोस्टरों में दिखा स्थानीय संदिग्ध
दिल्ली पुलिस की ओर से लगाए गए नए अलर्ट पोस्टरों में मोहम्मद रेहान नाम के व्यक्ति की तस्वीर शामिल की गई है, जिसे प्रतिबंधित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर है और उसकी तलाश जारी है। पोस्टरों में पहली बार किसी स्थानीय संदिग्ध को प्रमुखता से शामिल किया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की गई।
कर्तव्य पथ और नई दिल्ली जिला हाई-सिक्योरिटी जोन
गणतंत्र दिवस से पहले कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले को हाई-सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया है। इलाके में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है, जिसमें केंद्रीय बलों के साथ स्थानीय पुलिस की टीमें शामिल हैं। जगह-जगह आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली से भी निगरानी की जा रही है।
दस हजार से ज्यादा जवान, एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात
इस राष्ट्रीय समारोह के दौरान लगभग 10 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए कई दौर की जमीनी ब्रीफिंग हो चुकी है। पैदल प्रवेश करने वालों को तीन स्तरों पर मेटल डिटेक्टर से गुजरना होगा। इसके साथ ही ड्रोन रोधी दस्ते और ऊंची इमारतों पर निगरानी टीमें भी तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
इस बार परेड में दिखेगी सैन्य ताकत और सांस्कृतिक झलक
इस वर्ष की परेड में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। हालिया सुरक्षा घटनाओं के बाद यह पहली बार है जब गणतंत्र दिवस परेड में रक्षा तैयारियों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। पहली बार स्वदेशी हथियार प्रणालियों और टैंकों को “फेज्ड बैटल एरे” शैली में पेश किया जाएगा, जिससे वास्तविक युद्ध जैसी रणनीति की झलक मिलेगी।
दर्शकों के लिए बदली व्यवस्था और खास इंतजाम
दर्शकों की सुविधा के लिए इस बार बैठने के क्षेत्रों को भारतीय नदियों के नाम दिए गए हैं, जिससे मार्गदर्शन आसान हो सके। प्रवेश बिंदुओं पर अतिरिक्त जांच, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है ताकि यह राष्ट्रीय पर्व पूरी सुरक्षा और गरिमा के साथ संपन्न हो सके।