UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन-3 (समायोजन प्रक्रिया के तीसरे चरण) मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आगे किसी भी कार्यवाही पर लगी अंतरिम रोक को 17 फरवरी तक बढ़ा दिया है।
फाइनल सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित
कोर्ट ने मामले की फाइनल सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित की है। न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की एकल पीठ ने इस मामले में याची शिक्षकों की याचिकाओं पर सुनवाई की। पहले दो फरवरी तक लगी रोक को बढ़ाते हुए कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अवधि में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी समायोजन-3 प्रक्रिया में कोई आगे कदम नहीं उठाएंगे।
जवाब दाखिल करने का समय दिया था
याची शिक्षकों के वरिष्ठ अधिवक्ता एचजीएस परिहार ने बताया कि कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का समय दिया था और याचियों को भी प्रत्युत्तर दाखिल करने का अवसर प्रदान किया। यह मामला उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों के स्थानांतरण/समायोजन से जुड़ा है, जिसमें कई शिक्षकों ने प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी, मनमानी और पक्षपात का आरोप लगाया है।
कोर्ट के आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि समायोजन में योग्यता, वरिष्ठता और अन्य मानदंडों का उल्लंघन हुआ है। कोर्ट ने 131 से अधिक याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुनवाई की और अंतरिम राहत प्रदान की।शिक्षक संगठनों और प्रभावित शिक्षकों में इस फैसले से राहत की भावना है, क्योंकि इससे समायोजन प्रक्रिया पर अस्थायी रोक बनी रहेगी। 17 फरवरी को होने वाली सुनवाई में मामले का अंतिम निपटारा हो सकता है, जिससे हजारों शिक्षकों के भविष्य पर असर पड़ेगा।बेसिक शिक्षा विभाग ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कोर्ट के आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा।