High Fever Treatment: इस समय स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों के मामले में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इन सभी बीमारियों में सबसे और शुरुआती लक्षण तेज बुखार है। कई बार तापमान 102 से 103 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच जाता है। ऐसे स्थिति में डॉक्टर्स तुरंत अस्पताल जाने की सलाह देते हैं। लेकिन अगर हॉस्पिटल दूर है या किसी कारणवश आप तुरंत नहीं जा पा रहे हैं, तो इस स्थिति में मरीज को संभालने के लिए डॉक्टर जुगल किशोर प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, सफदरजंग अस्पताल) के बताए ये तरीके आप अपना सकते हैं।
तापमान पर बनाएं रहे नजर
अगर थर्मामीटर में 102 या 103 डिग्री बुखार आ रहा है, तो डिजिटल थर्मामीट से दोबारा जांच करते रहें। हर थोड़ी देर में तापमान पर नजर बनाए रखें। लेकिन बार-बार जांच करके खुद को तनाव में न डालें।
शरीर में न होने दें पानी की कमी
बुखार के दौरान शरीर में डिहाइड्रेशन यानि शरीर में पानी की कमी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। अगर मुंह सूख रहा हो या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही हो, तो तुरंत पानी, ओआरएस का घोल या फिर नारियल पानी जरूर पिएं। डॉक्टरों का कहना है कि बुखार होने पर शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। फीवर में इस बात का ध्यान जरूर रखें।
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बुखार में पूरी तरह करें आराम
डॉक्टर जुगल किशोर ने कहा कि अगर अस्पताल पहुंचने में देरी हो रही है, तो मरीज को पूरी तरह से आराम करना चाहिए। अगर बुखार के साथ-साथ सिरदर्द, शरीर में दर्द या बेचैनी है, तो आप 4 से 6 घंटे में एक पेरासिटामोल दवा ले सकते हैं। इससे बुखार कम करने में मदद मिलती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
बता दें कि अगर 103°F या इससे ज्यादा बुखार बना रहे, साथ ही मरीज को सांस लेने में तकलीफ और अत्यधिक सिर दर्द हो, तो इस स्थिति में धर पर इंतजार नहीं करना चाहिए। तुरंत नजदीकी मेडिकल इमरजेंसी या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।