NEET Paper Leak Meeting: नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। इस विवाद को लेकर हाई लेवल बैठक चल रही है। यह बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर आयोजित की गई। सूत्रों के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही
सूत्रों के अनुसार ये बैठक नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और अन्य शिकायतों के समाधान पर विचार-विमर्श के लिए बुलाई गई है। बैठक में नीट परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने, छात्रों की चिंताओ को दूर करने और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। सरकार की तरफ से स्पष्ट संकेत दिए जा चुके हैं कि उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली ‘किसी भी गलती को बख्शा नहीं जाएगा’।
एनटीए के डायरेक्टर भी मौजूद
इस बैठक में जांच की मौजूदा स्थिति और आगामी 21 जून को होने वाले री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के चीफ अभिषेक सिंह और पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। जो परीक्षा के आयोजन में हुई गड़बड़ियों और शिकायतों पर सीधा फीडबैक ले रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 22 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। लेकिन नीट परीक्षा के तुरंत बाद राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से पेपर लीक होने की खबरें आईं। सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर एक ‘गेस पेपर’ वायरल हुआ, जिसके सवाल असली परीक्षा से हूबहू मैच कर रहे थे। पुख्ता सबूत मिलने के बाद एनटीए ने 12 मई 2026 को इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का फैसला लिया।
सीबीआई कर रही जांच
इस मामले की कमान CBI के हाथों में है। इस मामले में अब तक 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमें पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी, लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे, पुणे के फिजिक्स टीचर तेजस हर्षदकुमार शाह और अन्य शिक्षक एवं कोचिंग से जुड़े लोग शामिल हैं। इस पूरे पेपर लीक मामले में कुलकर्णी को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।