Amarnath Yatra Security: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को नई दिल्ली में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाना था। इस दौरान यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया।
मल्टी-लेयर सुरक्षा ग्रिड बनाने पर जोर
बैठक में निर्देश दिए गए कि अमरनाथ यात्रा मार्ग पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की जाए। यात्रा के दौरान हर संवेदनशील स्थान पर निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को शिविर स्थलों और प्रमुख पड़ावों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
यात्रा की सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, सर्विलांस सिस्टम और अन्य आधुनिक उपकरणों के व्यापक उपयोग पर जोर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां विस्फोटक पहचान उपकरण, मेटल डिटेक्टर, एक्स-रे स्कैनर और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करेंगी। इसके साथ ही पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
आज दिल्ली में श्री अमरनाथ जी यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा की समीक्षा की।
— Amit Shah (@AmitShah) June 12, 2026
संपूर्ण यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, CAPFs तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा Multi-layered सुरक्षा ग्रिड स्थापित की जाए।
श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आपदा प्रबंधन सहित सभी… pic.twitter.com/EldUpLnKC0
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श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा दोनों पर फोकस
बैठक में केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, आपदा प्रबंधन और मौसम संबंधी सूचनाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाया जाए। इसके अलावा यात्रा मार्ग से जुड़े स्थानीय लोगों और पशुओं के पंजीकरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
क्यूआर कोड पहचान प्रणाली बनेगी सुरक्षा कवच
यात्रा से जुड़े कामगारों, विक्रेताओं और अन्य व्यक्तियों की पहचान सत्यापित करने के लिए क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू की जा रही है। इससे असत्यापित व्यक्तियों की आवाजाही पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और सुरक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी। अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था भीड़ प्रबंधन और जवाबदेही बढ़ाने में भी सहायक होगी। सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में तैयारियों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है और यात्रा के दौरान किसी भी चुनौती से निपटने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।