
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर कहर बरपाया है. बुधवार रात और गुरुवार सुबह कई जगह बादल फटने और अचानक बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 4 दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, बिलासपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर में भी कई जगह तेज बारिश हो सकती है. विशेष चेतावनी किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए जारी की गई है, जहां अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने का खतरा है.
ये भी पढ़ें : रेलवे ने कई ट्रेनों को किया रद्द, कुछ को बीच रास्ते रोका जाएगा, सफर से पहले चेक करें लिस्ट
पुल और सड़कें बह गईं
भारी बारिश के बाद शिमला और लाहौल-स्पीति जिलों में कई पुल टूटकर बह गए. दो नेशनल हाईवे और 300 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बंद करनी पड़ी हैं. शिमला के गानवी घाटी में बाढ़ ने पुलिस चौकी को बहा दिया. एक बस स्टैंड और आसपास की दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं. कूट और क्याव पंचायतों का बाकी इलाकों से संपर्क कट गया है. लाहौल-स्पीति के मयाड घाटी में करपट, चांगुत और उदगोस नाले में बादल फटने से 2 और पुल बह गए. कुल्लू जिले के कुर्पन खड्ड में भी पानी खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है, जिस कारण लोगों को बागीपुल-निरमंड और कुर्पन खड्ड के आसपास न जाने की सलाह दी गई है.
अब तक का नुकसान और जनहानि
20 जून से शुरू हुए मानसून के बाद से हिमाचल प्रदेश को अब तक 2031 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 126 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 36 लोग अब भी लापता हैं. इस दौरान राज्य में 63 बार अचानक बाढ़, 31 बार बादल फटने और 57 बड़े भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वो नदी-नालों से दूर रहें, मौसम की चेतावनी का पालन करें और सुरक्षित जगहों पर रहें.