हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया है। दो दिनों तक साफ मौसम रहने के बाद प्रदेश के कई जिलों में तेज तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। शिमला, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू सहित कई इलाकों में पेड़ गिरने, घरों की छतें उड़ने और सड़कों के बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। कई जगह फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
कांगड़ा में तूफान से उड़ीं घरों की छतें
कांगड़ा जिले के छोटा भंगाल क्षेत्र में तेज तूफान ने सबसे ज्यादा असर दिखाया। दियोट और सरमाण गांवों में कई घरों की छतें उड़ गईं। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। स्थानीय लोगों के मुताबिक तूफान इतनी तेजी से आया कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पालमपुर क्षेत्र में भी कई जगह नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
मंडी में पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हुईं गाड़ियां
मंडी जिले के सुंदरनगर स्थित बीबीएमबी कॉलोनी में एक बड़ा पेड़ गिरने से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं पंडोह क्षेत्र में सफेदे के पेड़ की भारी टहनी टूटकर कई वाहनों पर जा गिरी। तेज आंधी के कारण लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। कई इलाकों में बिजली और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
सराज और जोगिंदर नगर में रास्ते बंद
मंडी जिले के सराज क्षेत्र के जरोल में आंधी के कारण बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे थुनाग-जंजैहली मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही रुक गई और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। जोगिंदर नगर में भी तेज तूफान से बस अड्डे को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन की टीमें रास्ते साफ करने में जुटी हुई हैं।
कुल्लू और संधोल में भारी नुकसान
कुल्लू जिले के काईसधार क्षेत्र में तूफान ने एक मकान की छत पूरी तरह उड़ा दी। वहीं मशियार के कई गांवों में पांच से सात रिहायशी मकानों और करीब दस गौशालाओं की छतें उड़ने से भारी नुकसान हुआ है। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के सोहर गांव में तेज आंधी और बारिश से रसोई घर और शौचालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की मांग की है।
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में खराब मौसम को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले कुछ घंटों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।