अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला गया। इस मुकाबले में भारतीय युवा टीम के सामने कड़ी चुनौती थी। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और साफ इरादा दिखा दिया कि वह बड़ा स्कोर खड़ा करेगा। सेमीफाइनल का दबाव था और सामने मजबूत अफगान बल्लेबाजी, लेकिन टीम इंडिया आत्मविश्वास से भरी नजर आई।
अफगान बल्लेबाजों का कहर, 310 का विशाल स्कोर
अफगानिस्तान की पारी में फैजल शिनोजादा और उजईरुल्लाह नियाजई ने भारतीय गेंदबाजों को जमकर परेशान किया। शिनोजादा ने 93 गेंदों पर 110 रन की शानदार पारी खेली, जबकि नियाजई 101 रन बनाकर नाबाद लौटे। इन दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 208 रनों की साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख अफगानिस्तान की ओर मोड़ दिया। 50 ओवर में 310 रन बनाकर अफगान टीम ने भारत के सामने पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा।
वैभव की तूफानी शुरुआत, दबाव हुआ कम
310 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत शानदार रही। ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने आते ही आक्रामक अंदाज अपनाया और 33 गेंदों पर 68 रन ठोक दिए। उनकी इस विस्फोटक पारी से टीम इंडिया को तेज शुरुआत मिली। पहले विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी ने यह संकेत दे दिया कि भारत दबाव में नहीं है और बड़े लक्ष्य से घबराने वाला नहीं है।
कप्तान आयुष की जिम्मेदार पारी
वैभव के आउट होने के बाद कप्तान आयुष म्हात्रे ने पारी को संभाला। उन्होंने 59 गेंदों पर 62 रन बनाए और टीम को स्थिरता दी। आयुष ने समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए रन गति बनाए रखी। उनकी पारी ने यह सुनिश्चित किया कि अफगानिस्तान को वापसी का मौका न मिले और रन चेज सही दिशा में आगे बढ़ता रहे।
एरॉन जॉर्ज का शतक, बना जीत की कहानी
इस मुकाबले के असली हीरो एरॉन जॉर्ज रहे। उन्होंने 104 गेंदों पर 115 रन की मैच विनिंग पारी खेली। एरॉन ने 95 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और एक छोर संभाले रखा। उनकी पारी में 15 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। अंडर-19 वर्ल्ड कप के नॉकआउट इतिहास में यह सबसे बड़ा सफल रन चेज बना, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।
फाइनल में भारत, इंग्लैंड से होगी टक्कर
भारत ने यह बड़ा लक्ष्य 41.1 ओवर में सिर्फ 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इसी के साथ टीम इंडिया 10वीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गई है और लगातार छठी बार फाइनल खेलेगी। अब नजरें 6 फरवरी को होने वाले फाइनल पर हैं, जहां भारत का सामना इंग्लैंड से होगा। सवाल सिर्फ इतना है, क्या ये युवा टीम छठी बार ट्रॉफी उठाकर इतिहास रच पाएगी?