मेरठ। नौचंदी थाने से पुलिस कस्टडी से हिस्ट्रीशीटर एवं शातिर चोर हथकड़ी समेत भाग गया। उसके भागने की भनक लगते ही पुलिस में हड़कंप मच गया, लेकिन तक तक काफी देर हो चुकी थी। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने पर उन मुकदमा दर्ज किया गया और तीनों को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। हिस्ट्रीशीटर की तलाश में तीन टीमें गठित की गई, जो सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन पुलिस अभी तक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ नहीं पाई है।
पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर हथकड़ी से हाथ निकालकर भागा है। नौचंदी थाना अंतर्गत जैदी फार्म के ढिवाई नगर निवासी अरशद उर्फ जोजो नौचंदी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ चोरी, लूट व जेब काटने के चार मुकदमे दर्ज है। उसके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। रविवार रात नौचंदी थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। थाना प्रभारी अरुण भाटी ने जीडी में दाखिल करने के बाद उसे हवालात में बंद कर दिया था और रात्रि गश्त पर निकल गए थे। थाने में रात्रि ड्यूटी पर आनंद प्रकाश, पहरा विशाल और मुंशी प्रदीप के अलावा होमगार्ड संजय सिंह थे। सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे हिस्ट्रीशीटर ने शौच जाने के लिए कहा। इस पर होमगार्ड हिस्ट्रीशीटर को शौचालय लेकर पहुंचा। इसी दौरान मौका मिलते ही हिस्ट्रीशीटर हथकड़ी समेत भाग गया। इसका पता उस समय लगा, जब वह थाने से काफी दूर जा चुका था। हिस्ट्रीशीटर के भागने की घटना से पुलिस में हड़कंप मच गया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस उसका पीछा करते हुए लोहिया नगर तक पहुंची। इसके बाद वह पुलिस को दिखाई नहीं दिया। हिस्ट्रीशीटर के थाने से भागने की जानकारी मिलते ही एएसपी एवं सीओ सिविल लाइंस दीक्षा भौरया मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। नियमानुसार गैर-जमानती वारंट के आरोपी को पकड़कर हवालात में रखा जाता है। पुलिस का कहना है कि तबीयत खराब होने पर उसे हवालात से निकालकर पुलिस कार्यालय में बैठाया गया था। सवाल यह है कि तबीयत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर को क्यों नहीं दिखाया गया? इसका जवाब नहीं मिला।
भागने के बाद घर पहुंचकर खरीदी चरस की पुड़िया
थाने से भागने के बाद हिस्ट्रीशीटर सीधा अपने घर पहुंचा। सूत्रों का कहना है कि घर पहुंचने के बाद हिस्ट्रीशीटर ने चरस की पुड़िया खरीदी थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस उसे तलाशते हुए घर भी पहुंची, लेकिन तब हिस्ट्रीशीटर वहां से भाग चुका है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि हिस्ट्रीशीटर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता है। हालांकि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में हिस्ट्रीशीटर आखिरी बार लोहिया नगर की तरफ जाते देखा गया था। हालांकि पुलिस ने दबाव बनाने के लिए हिस्ट्रीशीटर के परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस को पता चला है कि हिस्ट्रीशीटर सूखे नशे का आदि है और नशा टूटने के बाद वह चरस खरीदने के लिए मांद से बाहर आ सकता है। ऐसे में पुलिस ने शहर में बिकने वाले सूखे नशे के ठिकानों पर चौकसी बढ़ा दी है।
इसका मतलब पुलिस के संरक्षण में बिक रहा सूखा नशा
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति लगातार सूखा नशा यानि चरस, स्मैक और भांग का धंधा करने वाले आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए थानेदारों को निर्देश दे रहे है, लेकिन धरातल पर थाने की पुलिस इस धंधे पर किस तरह की चोट कर रही है, उसकी पोल पुलिस कस्टडी से भागे हिस्ट्रीशीटर ने खोल दी है। थाने से भागने के बाद हिस्ट्रीशीटर ने घर पहुंचकर सबसे पहले सूखे नशे के लिए चरस की पुड़िया ली। इससे साफ होता है कि पुलिस के संरक्षण में सूखे नशे का धंधा फल फूल रहा है।
इनका कहना है...
लापरवाही मिलने पर तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। तीनों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच बैठा दी गई है। हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की गई है। सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से जल्द आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
-दीक्षा भौरया, एएसपी एवं सीओ सिविल लाइंस।