भोपाल। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर एशियाई क्रिकेट में अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। आठ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद टीम इंडिया ने मेन्स हॉकी एशिया कप 2025 का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया को भारी 4-1 से हराकर यह सफलता हासिल की। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने टीम इंडिया को सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी और सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हॉकी की नर्सरी के रूप में विख्यात भोपाल व मध्यप्रदेश ने इस उपलब्धि पर गर्व महसूस किया है।
ऐतिहासिक जीत: भारत ने दक्षिण कोरिया को हराकर छुआ शिखर
मेन्स हॉकी एशिया कप 2025 का फाइनल बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रविवार को खेला गया। भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार नेतृत्व करते हुए टीम को विजय दिलाई। पूरे मैच में टीम इंडिया का दबदबा रहा और उन्होंने दक्षिण कोरिया को 4-1 से पराजित किया। इस जीत के साथ भारत ने एशिया कप में चौथी बार खिताब जीता है। इससे पहले भारत ने यह खिताब 2003, 2007 और 2017 में अपने नाम किया था।
मुख्यमंत्री का संदेश: जय हो भारत!
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस ऐतिहासिक विजय पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करके भारतीय टीम को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "जय हो…दक्षिण कोरिया को हराकर 8 वर्ष बाद पुनः एशिया कप 2025 जीतने पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह ऐतिहासिक जीत आप सभी की दृढ़ इच्छा शक्ति, अद्वितीय खेल कौशल एवं टीम भावना का प्रमाण है। हॉकी की नर्सरी के रूप में प्रतिष्ठित भोपाल सहित पूरा मध्यप्रदेश, जिसने हॉकी के अनेक दिग्गज खिलाड़ी भारत को दिए हैं, इस अद्वितीय विजय पर गौरवान्वित है।"
क्वालिफिकेशन फॉर वर्ल्ड कप
इस शानदार एशिया कप जीत के साथ ही भारतीय हॉकी टीम ने 2026 में होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है। भारतीय टीम की यह उपलब्धि न केवल देश में खेल प्रेमियों के लिए गर्व का विषय बनी है, बल्कि देश की खेल प्रतिष्ठा को भी मजबूती प्रदान करती है। टीम इंडिया ने कम समय में कई मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन कर यह साबित किया कि हॉकी में भारत फिर से वैश्विक स्तर पर अपना दबदबा बना रहा है।
भविष्य की ओर कदम
सीएम डॉ मोहन यादव ने खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता देशभर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। मध्यप्रदेश सहित पूरे भारत में इस उपलब्धि का जश्न मनाया जा रहा है। हॉकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार और खेल प्राधिकरण अब और अधिक प्रयास करेंगे ताकि आने वाले समय में भारत इसी तरह की और उपलब्धियां हासिल करता रहे।