Hockey World Cup 2026 : भारतीय हॉकी के इतिहास में 1975 का साल हमेशा खास रहेगा। इसी वर्ष टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 2-1 से हराकर अपना पहला और अब तक का इकलौता हॉकी वर्ल्ड कप खिताब जीता था। उस जीत ने भारतीय हॉकी को दुनिया के शिखर पर पहुंचा दिया था, लेकिन उसके बाद से टीम दोबारा वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन सकी। अब 2026 में एक बार फिर इतिहास दोहराने का मौका सामने है।
15 अगस्त से शुरू होगा अभियान
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 15 अगस्त से हो रहा है। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी। टीम इंडिया अपने अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ मुकाबले से करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से मुकाबला होगा। इन मैचों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
आसान नहीं होगी राह
भारत के सामने इस बार चुनौती कम नहीं है। टूर्नामेंट में कई मजबूत टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो खिताब की दावेदार मानी जा रही हैं। हालांकि भारतीय टीम भी पिछले कुछ वर्षों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करती रही है। टीम ने बड़े मुकाबलों में दम दिखाया है और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी ऊंचा है।
हरमनप्रीत को टीम पर भरोसा
कप्तान हरमनप्रीत सिंह का मानना है कि टीम उसी सोच और तैयारी के साथ मैदान पर उतर रही है, जिसने पिछले दो ओलंपिक में सफलता दिलाई। उनका कहना है कि जैसे टीम ने टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद पदक जीतकर इतिहास रचा था, वैसे ही इस बार 51 साल का वर्ल्ड कप इंतजार खत्म करने का लक्ष्य है। खिलाड़ियों में जीत का भरोसा साफ नजर आ रहा है।
नया प्रारूप बढ़ाएगा रोमांच
इस बार वर्ल्ड कप नए प्रारूप में खेला जा रहा है। हर पूल से शीर्ष दो टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी। वहां दूसरे पूल की टीमों से मुकाबले होंगे और अंक भी साथ ले जाए जाएंगे। इसके बाद शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। ऐसे में हर मैच बेहद अहम होने वाला है और शुरुआत से ही टीमों पर दबाव रहेगा।
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पाकिस्तान मुकाबले पर नजर
भारतीय प्रशंसकों की सबसे ज्यादा नजर 19 अगस्त के मुकाबले पर रहेगी, जब टीम इंडिया का सामना पाकिस्तान से होगा। 1975 के फाइनल की यादें आज भी दोनों देशों के हॉकी इतिहास का अहम हिस्सा हैं। अगर भारत इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीतता है, तो 51 साल का लंबा इंतजार खत्म होगा और भारतीय हॉकी के इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जुड़ जाएगा।