Holi Bhai Dooj 2026: होली के पावन पर्व के बाद मनाया जाने वाला होली भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए तिलक लगाती हैं और विशेष पूजा करती हैं। वर्ष 2026 में होली भाई दूज पर तिलक का शुभ मुहूर्त शाम लगभग 5 बजे तक माना जा रहा है। इस समय के भीतर विधि-विधान से पूजा करने को शुभ माना जाता है।
होली भाई दूज का धार्मिक महत्व
भारतीय परंपरा में भाई दूज को भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाला पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन बहन द्वारा किए गए तिलक और आरती से भाई के जीवन में सुख, सुरक्षा और समृद्धि बनी रहती है। होली के बाद आने वाली यह भाई दूज विशेष रूप से परिवारिक प्रेम और आपसी सम्मान को बढ़ाने का अवसर भी देती है।
तिलक का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन तिलक करने का शुभ समय सुबह से लेकर शाम करीब 5 बजे तक बताया जाता है। इस दौरान बहनें पूजा की थाली में रोली, चावल, दीपक और मिठाई रखकर भाई का तिलक करती हैं। तिलक लगाने के बाद आरती उतारी जाती है और भाई की खुशहाली व लंबी उम्र की कामना की जाती है। इसके बाद भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसका आशीर्वाद लेते हैं।
तिलक करते समय रखें इन बातों का ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तिलक हमेशा शुभ दिशा में बैठकर करना चाहिए और पूजा के समय मन में सकारात्मक भाव रखना जरूरी माना जाता है। पूजा की थाली साफ और सुसज्जित होनी चाहिए। साथ ही तिलक लगाते समय चावल और रोली का प्रयोग शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन विशेष पकवान बनाकर भी इस पर्व की खुशियों को बढ़ाते हैं।
पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का पर्व
होली भाई दूज केवल एक धार्मिक परंपरा ही नहीं बल्कि पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी है। इस दिन भाई-बहन एक-दूसरे के प्रति अपने स्नेह और सम्मान को व्यक्त करते हैं। त्योहार का असली संदेश यही है कि परिवार में प्रेम, विश्वास और एकता बनी रहे। इसी भावना के साथ यह पर्व हर साल खुशी और उल्लास के साथ मनाया जाता है।