होली के त्योहार से पहले साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। व्हाट्सऐप, एसएमएस और सोशल मीडिया के जरिए ‘होली शुभकामना’ या ‘गिफ्ट ऑफर’ के नाम पर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, क्योंकि एक क्लिक से मोबाइल हैक हो सकता है और बैंक खाते से रकम गायब हो सकती है। शहर में ऐसे कई मामले सामने आने के बाद साइबर पुलिस अलर्ट पर है।
फर्जी ग्रीटिंग और गिफ्ट ऑफर का जाल
साइबर अपराधी त्योहारों को निशाना बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। होली के नाम पर आकर्षक ग्रीटिंग कार्ड, कैशबैक ऑफर और गिफ्ट हैम्पर का लालच दिया जा रहा है। जैसे ही व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में संदिग्ध एप डाउनलोड हो जाता है या फिर बैंकिंग डिटेल मांगी जाती है। कई मामलों में ओटीपी साझा करते ही कुछ मिनटों में खाते से हजारों रुपये निकल गए।
असली वेबसाइट जैसा दिखता है लिंक
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ठगी के लिए भेजे जाने वाले लिंक देखने में बिल्कुल असली वेबसाइट जैसे लगते हैं। यही वजह है कि लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं। कई बार लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का रिमोट एक्सेस ठगों के पास पहुंच जाता है। इसके बाद वे बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और पासवर्ड हासिल कर खाते से रकम ट्रांसफर कर लेते हैं। इसलिए किसी भी संदेश को खोलने से पहले भेजने वाले नंबर की जांच करना जरूरी है।
दो मामलों ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में कोलार निवासी एक युवक ने ‘होली गिफ्ट हैम्पर’ के लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उसके खाते से 48 हजार रुपये कट गए। वहीं एमपी नगर क्षेत्र में रहने वाली एक महिला को ‘होली कैशबैक ऑफर’ का संदेश मिला। बैंक डिटेल अपडेट करने के बहाने उनसे जानकारी ली गई और 32 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। इन घटनाओं के बाद साइबर क्राइम टीम ने लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी है।
पुलिस की अपील: ध्यान रखें ये 5 बातें
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें। ओटीपी, पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। क्यूआर कोड केवल भरोसेमंद व्यक्ति का ही स्कैन करें। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या संदिग्ध पोस्ट फॉरवर्ड करने से बचें। यदि किसी के साथ ठगी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सूचना देने से रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।