मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते खतरे के बीच एक भारतीय कैप्टन की सूझबूझ ने बड़ा कारनामा कर दिखाया। ईरान की कड़ी निगरानी और मिसाइल हमलों के बीच सऊदी कच्चे तेल से भरा विशाल टैंकर गुप्त तरीके से मुंबई पहुंच गया। जहाज ने खतरनाक समुद्री इलाके से गुजरते समय अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया, जिससे वह रडार से लगभग गायब हो गया और सुरक्षित भारत तक पहुंचने में सफल रहा।
जंग के बीच हॉर्मुज से गुजरना बड़ा जोखिम
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट इस समय बेहद संवेदनशील क्षेत्र बन चुका है। लगभग 40-50 किलोमीटर चौड़ा यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल है। यहां से गुजरने वाले जहाजों पर लगातार खतरा बना हुआ है क्योंकि मिसाइल हमलों और सैन्य गतिविधियों के कारण कई देशों ने अपने जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी है।
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बत्ती ऑफ’ कर टैंकर ने पार किया खतरनाक रास्ता
खतरे से बचने के लिए तेल टैंकर ने एक रणनीतिक कदम उठाया। जहाज ने हॉर्मुज के सबसे संवेदनशील इलाके में प्रवेश करते समय अपना AIS ट्रैकिंग सिस्टम अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इससे समुद्री निगरानी सिस्टम में उसकी लोकेशन दिखाई देना बंद हो गई। इस दौरान जहाज समुद्र में लगभग ‘अदृश्य’ हो गया और सुरक्षित तरीके से खतरनाक क्षेत्र पार कर गया।
1.35 लाख टन कच्चा तेल लेकर पहुंचा मुंबई
लाइबेरिया के झंडे वाला विशाल टैंकर शेनलॉन्ग करीब 1,35,335 मीट्रिक टन सऊदी कच्चा तेल लेकर मुंबई पहुंचा। जहाज एथेंस स्थित एक शिपिंग कंपनी के प्रबंधन में संचालित होता है। यह टैंकर युद्धग्रस्त क्षेत्र से निकलकर भारत पहुंचने वाले शुरुआती जहाजों में शामिल बताया जा रहा है।
AIS सिस्टम क्या होता है
AIS यानी Automatic Identification System एक डिजिटल ट्रैकिंग तकनीक है, जो रेडियो सिग्नल के जरिए जहाज की पहचान, दिशा, गति और लोकेशन की जानकारी लगातार भेजता रहता है। इससे अन्य जहाजों और तटीय प्रशासन को समुद्र में ट्रैफिक की जानकारी मिलती है। सुरक्षा कारणों से कभी-कभी जहाज संवेदनशील इलाकों में इसे अस्थायी रूप से बंद भी कर देते हैं।
माहुल रिफाइनरी के लिए तेल की सप्लाई
मुंबई पहुंचा यह टैंकर पूर्वी मुंबई के माहुल इलाके में स्थित रिफाइनरियों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति करेगा। जहाज 11 मार्च की शाम मुंबई के तट पर पहुंचा था और इसके बाद अनलोडिंग की प्रक्रिया शुरू हुई। आमतौर पर किसी बड़े टैंकर को पूरी तरह खाली करने और अनडॉक करने में करीब 60 घंटे तक का समय लगता है।