अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर लागू होने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर ने वैश्विक बाजारों में राहत की लहर दौड़ा दी। इसके बाद अमेरिकी शेयर बाजार में जोरदार रैली देखने को मिली। Dow Jones Industrial Average 868 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि S&P 500 भी मजबूत बढ़त के साथ ऊपर पहुंचा। निवेशकों ने इसे तनाव कम होने और सप्लाई बहाल होने का सकारात्मक संकेत माना।
तेल कीमतों में आई बड़ी गिरावट
होर्मुज खुलने के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। Brent Crude में करीब 11 प्रतिशत तक कमजोरी आई और दाम नीचे फिसले। वहीं WTI Crude में भी गिरावट देखने को मिली। तेल सस्ता होने से उन देशों को राहत मिल सकती है जो आयात पर निर्भर हैं, और भारत भी उनमें प्रमुख है। इससे महंगाई और आयात बिल पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
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भारत के लिए अच्छे संकेत
यह खबर भारतीय बाजार बंद होने के बाद आई, इसलिए तत्काल असर नहीं दिखा। लेकिन सोमवार के कारोबार में इसका प्रभाव देखने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार संकेतकों में मजबूती से अंदाजा लगाया जा रहा है कि भारतीय शेयर बाजार मजबूत शुरुआत कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो बैंकिंग, ऑटो, मेटल, ऊर्जा और व्यापक बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों का रुझान भी सकारात्मक रहने की संभावना है।
तेल-गैस सप्लाई पर भी राहत
होर्मुज खुलने से मध्य पूर्व से आने वाली तेल और गैस सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। भारत के लिए यह खास मायने रखता है क्योंकि देश ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। सप्लाई बाधाएं कम होने से कीमतों पर दबाव घट सकता है और आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सकती है। कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम बाजार से लेकर आम लोगों तक कई स्तरों पर सकारात्मक असर डाल सकता है।