दुनिया भर में तेल बाजार की नजर एक बार फिर पश्चिम एशिया पर टिक गई है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच अब नए घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान एक बार फिर रणनीतिक रूप से बेहद अहम हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त रुख अपना सकता है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है।
ईरान के रुख से बढ़ी वैश्विक चिंता
सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान के पास हॉर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही को प्रभावित करने की क्षमता मौजूद है। हाल के संघर्ष के बाद इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदलने की आशंका जताई जा रही है। एक अमेरिकी सूत्र के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान इस अहम समुद्री मार्ग पर बड़ा प्रभाव रखता है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
क्यों इतना महत्वपूर्ण है हॉर्मुज जलडमरूमध्य?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में गिना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से होकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। अगर यहां किसी तरह की बाधा आती है तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
ये भी पढ़ें : महिलाओं को बड़ी राहत देने वाला Pakistan का फैसला, खत्म हुआ पीरियड टैक्स, सस्ते हुए जरूरी प्रोडक्ट
भारत में महंगे हो सकते हैं ईंधन के दाम
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अगर कच्चा तेल महंगा होता है तो पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे परिवहन लागत बढ़ने के साथ-साथ खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की चीजों की महंगाई पर भी असर पड़ सकता है।
अभी स्थिति पर बनी हुई है नजर
हालांकि फिलहाल ईरान की ओर से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। यह आशंका खुफिया रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषणों पर आधारित है। दुनिया के कई देश और ऊर्जा बाजार इस क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यहां कोई भी बड़ा कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।