सऊदी अरब से एक बड़ी ही दर्दनाक खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि मक्का से मदीना की तरफ बढ़ रही एक यात्री बस की सोमवार को एक डीजल से भरे टैंकर से भिड़ंत हो गई. यह टक्कर इतनी भीषण थी कि इसमें 45 भारतीय उमराह यात्रियों की मौत हो गई. शुरुआती जानकारी की मुताबिक हादसा मुफरीहाट नाम की जगह पर हुआ है. इस बस में सवार सभी लोग हैदराबाद से उमराह के लिए गए थे. इन यात्रियों पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी बताए जा रहे हैं. आपको बता दें कि जब भी मुस्लिम सऊदी अरब उमराह के लिए जाते हैं तो वहां की सरकार उनका बीमा कराती है.
सऊदी अरब में उमराह करने वालों का होता है बीमा
उमराह करने सऊदी अरब में जाने वालों के लिए एक ऐसी बीमा व्यवस्था लागू की गई है, जिसके बारे में बहुत कम लोग ही ठीक-ठीक जानते हैं, लेकिन जब किसी तीर्थयात्री के साथ गंभीर हादसा हो जाता है, तब यही बीमा उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत बन जाता है. आखिर बीमा में कितना पैसा मिलता है? किन हालात में मिलता है? और क्या भारत सरकार भी कोई मदद देती है?
सऊदी सरकार हर तीर्थयात्री को देती है अनिवार्य बीमा
उमराह वीजा मिलने के साथ सऊदी अरब अपने यहां आने वाले हर तीर्थयात्री को एक अनिवार्य बीमा देता है. यह बीमा अलग से खरीदने की जरूरत नहीं होती है, बल्कि वीजा के साथ स्वतः जुड़ा हुआ होता है. सऊदी सरकार का उद्देश्य यही है कि मक्का और मदीना पहुंचने वाले किसी भी व्यक्ति को इलाज, दुर्घटना या किसी अनहोनी की स्थिति में तुरंत और पूरी तरह सुरक्षा व्यवस्था मिल सके.
बीमा का अधिकतम कवरेज 22 लाख रुपये
यह बीमा तीर्थयात्री के सऊदी अरब पहुंचते ही सक्रिय हो जाता है और पूरे 30 दिनों तक वैध रहता है. इस दौरान यदि किसी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है या फिर कोविड-19 की तरह अगर आपात स्थिति आती है या किसी तरह की दुर्घटना हो जाती है, तो इसका खर्च इस बीमा के तहत कवर किया जाता है. इस बीमा का अधिकतम कवरेज SR 100,000 (लगभग 22 लाख रुपये) तक है. वहीं इतना बड़ा कवरेज इसलिए रखा गया है ताकि किसी भी तीर्थयात्री को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े.
तीर्थयात्री के निधन पर परिवार को मिलती है रकम
सबसे जरूरी बात यह है कि यदि तीर्थयात्री की सऊदी अरब में मृत्यु हो जाती है, तो यही बीमा पॉलिसी उसके परिवार को SR 100,000 का भुगतान करती है. सऊदी कानून के मुताबिक हज-उमराह के दौरान मरने वाले व्यक्ति का अंतिम संस्कार आमतौर पर वहीं कर दिया जाता है, लेकिन बीमा की पूरी राशि परिवार को दे दी जाती है. यह पैसा सीधे बीमा प्रदाता कंपनी- जैसे तवुनिया के जरिए जारी किया जाता है.
भारत सरकार भी मृत्यु पर देता ही 10 लाख का बीमा कवर
इसके अलावा भारतीय नागरिकों के लिए भारत सरकार भी अपनी तरफ से मदद देती है. विदेश में कामगारों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के तहत विदेश में काम या यात्रा पर गए भारतीय की मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाता है. इस योजना में मृतक का पार्थिव शरीर भारत वापस भेजने का खर्च भी शामिल होता है, जो कई परिवारों के लिए भारी आर्थिक राहत साबित होता है.